CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें रायपुर नगर निगम में ‘पति देव’ का राज, जोन अध्यक्ष की कुर्सी पर पति का कब्जा; मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, दादा से बड़े निकले पोते और पिता से ज्यादा उम्र के बेटे; धमतरी में वोटर लिस्ट से नाम काटने पर बवाल, मुस्लिम समाज ने लगाए गंभीर आरोप; कैबिनेट के बड़े फैसले, SOG और एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स को मंजूरी; बस्तर पण्डुम 2026 में रिकॉर्ड भागीदारी, 54 हजार से ज्यादा पंजीयन के साथ जनजातीय संस्कृति का महाकुंभ; सुकमा में नक्सलियों को करारा झटका, टॉप कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ध्वस्त; शिक्षा बजट से 27 जिलों में बनेंगे 206 नए स्कूल भवन; मरवाही में ‘दुनिया का सबसे बहादुर जीव’ हनी बैजर कैमरे में कैद, सुरक्षित जंगल भेजा गया; जांजगीर में ACB की बड़ी कार्रवाई, महिला तहसीलदार और पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार; वन विभाग के ‘सामाजिक बहिष्कार’ आदेश पर विवाद, वन्यजीव प्रेमियों ने बताया असंवैधानिक समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे।
रायपुर नगर निगम: जोन अध्यक्ष की कुर्सी पर ‘पति देव’ का कब्जा
रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-3 में जल समस्या को लेकर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक विवादों के घेरे में आ गई है। यहाँ जोन अध्यक्ष साधना साहू की मौजूदगी में उनके पति और पूर्व पार्षद प्रमोद साहू बैठक का संचालन करते दिखे। इस दौरान एमआईसी सदस्य भी बगल में बैठे रहे, लेकिन पूरी कमान ‘पार्षद पति’ के हाथों में रही। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन और पद की तानाशाही बताया है। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र में आज भी वर्तमान अध्यक्ष के बजाय उनके पति के नाम के बोर्ड लगे हुए हैं।
मतदाता सूची में भारी लापरवाही: दादा से बड़े निकले पोते!
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। राजधानी रायपुर में डेटा एंट्री में ऐसी लापरवाही हुई है कि करीब 2.15 लाख मतदाताओं के दादा की उम्र उनके पिता से कम दर्ज है। वहीं 6 हजार से ज्यादा मामलों में बेटे की उम्र पिता से अधिक पाई गई है। धरसींवा, आरंग और अभनपुर जैसे क्षेत्रों में 60 हजार से अधिक वोटरों के पिता के नाम गलत दर्ज हैं। प्रशासन ने इन विसंगतियों को सुधारने के लिए नोटिस जारी किए हैं और 21 फरवरी को अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
धमतरी में मतदाता सूची से नाम काटने पर विवाद
धमतरी जिले में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम समुदाय ने गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि फर्जी आवेदनों के आधार पर मगरलोड और नवागांव क्षेत्र से करीब 150 से अधिक मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। समाज ने दावा किया कि जीवित वोटर्स को मृत बताकर उनके नागरिक अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। जिला प्रशासन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, वहीं समाज में 14 फरवरी की डेडलाइन को लेकर चिंता बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ और ‘एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स’ को मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर अहम निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में आतंकी खतरों और गंभीर आपात स्थितियों से निपटने के लिए राज्य पुलिस के भीतर एक विशेष अभियान समूह (SOG) बनाया जाएगा। इसके साथ ही रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर सहित 10 प्रमुख जिलों में मादक पदार्थ रोधी कार्य बल (Anti-Drug Task Force) का गठन किया जाएगा। कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट पॉलिसी’ और नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को भी हरी झंडी दी है।
बस्तर पण्डुम 2026: जनजातीय संस्कृति का महाकुंभ तैयार
बस्तर की समृद्ध कला और परंपराओं का जश्न मनाने वाला ‘बस्तर पण्डुम’ इस साल नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। इस बार पंजीयन कराने वालों की संख्या 15 हजार से बढ़कर 54,745 तक पहुँच गई है। संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होंगी, जिसमें 12 पारंपरिक विधाओं जैसे मांदर-बांसुरी वादन, जनजातीय नृत्य और लोक शिल्प का प्रदर्शन होगा। दंतेवाड़ा जिले ने सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है। खास बात यह है कि इस उत्सव में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के लगभग बराबर (340 महिलाएं और 365 पुरुष) है।
टॉप कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ध्वस्त; 40 साल बाद आजाद हुआ इलाका
बस्तर संभाग के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मनोबल पर करारी चोट की है। पिछले चार दशकों से नक्सलियों का अभेद्य किला माने जाने वाले ‘गोगुंडा पहाड़’ को जवानों ने मुक्त करा लिया है। सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान में खूंखार नक्सली कमांडर रमन्ना के 20 फीट ऊंचे स्मारक को मलबे में तब्दील कर दिया गया। सीआरपीएफ के नए कैंप की स्थापना के बाद सुरक्षाबलों ने इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
शिक्षा बजट: 27 जिलों में बनेंगे 206 नए स्कूल भवन
प्रदेश की शिक्षा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए साय सरकार ने बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति दी है। राज्य के 27 जिलों में संचालित 206 शासकीय स्कूलों के लिए नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसमें 43 प्राथमिक शालाएं और 163 पूर्व माध्यमिक शालाएं शामिल हैं। यह निर्माण कार्य स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के अनुसार, इससे ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।
‘दुनिया का सबसे बहादुर जीव’ मोबाइल कैमरे में कैद; वन विभाग ने सुरक्षित जंगल भेजा
मरवाही वनमंडल के उसाड़ गांव क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव ‘हनी बैजर’ (बिज्जू) का जोड़ा देखे जाने से वन प्रेमियों में उत्साह है। यह जीव अपनी असाधारण बहादुरी के लिए जाना जाता है और शेर जैसे बड़े शिकारियों से भी नहीं डरता। ग्रामीणों द्वारा वीडियो बनाए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर इस दुर्लभ जोड़े को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार, इस जीव का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है।
भ्रष्टाचार पर वार: महिला तहसीलदार और पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
जांजगीर जिले के पामगढ़ तहसील में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चोरभट्टी धान खरीदी केंद्र के प्रभारी से भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सही देने के नाम पर 35 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ने के बाद आरोपियों के पास से केमिकल युक्त नोट बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
वन्यजीव प्रेमियों की नाराजगी: ‘सामाजिक बहिष्कार’ के आदेश पर छिड़ा विवाद
छत्तीसगढ़ में अवैध शिकार रोकने के लिए वन विभाग द्वारा अपराधियों का ‘सामाजिक बहिष्कार’ कराने के निर्देशों ने विवाद खड़ा कर दिया है। वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने इसे असंवैधानिक बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विभाग ने मीटिंग में निर्देश दिए थे कि शिकारियों को दंडित करने के लिए गांव के मुखिया और धर्मगुरुओं की मदद से उनका बहिष्कार कराया जाए। सिंघवी का तर्क है कि दंड देने का अधिकार केवल न्यायालय को है और सामाजिक बहिष्कार मानवाधिकारों का उल्लंघन है।



