
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो खाली हो रही सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले भाजपा ने अपने संभावित उम्मीदवारों के नामों का एक संक्षिप्त पैनल तैयार कर दिल्ली स्थित हाईकमान को भेज दिया है। पार्टी के भीतर हुई लंबी चर्चा के बाद कुल 7 नामों पर मुहर लगी है। अब गेंद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में है, जो राज्य की राजनीति और आगामी समीकरणों को देखते हुए अंतिम दो नामों पर फैसला लेगा। मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुए मंथन के बाद इन नामों को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाया गया है।
जातिगत समीकरण साधने की बड़ी कवायद
भाजपा ने इस बार राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सोशल इंजीनियरिंग यानी जातिगत संतुलन का पूरा ध्यान रखा है। पैनल में अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी की रणनीति है कि राज्यसभा के जरिए उन वर्गों को साधा जाए जिनका प्रतिनिधित्व सदन में बढ़ाना जरूरी है। SC वर्ग से पूर्व विधायक नवीन मार्कंडेय, कृष्णमूर्ति बांधी और किरण बघेल के नाम शामिल हैं। वहीं सामान्य वर्ग से अनुभवी नेता गौरीशंकर अग्रवाल, प्रबल प्रताप जूदेव और सरोज पांडे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। ओबीसी कोटे से पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल का नाम भी रेस में बना हुआ है।
10 राज्यों की 37 सीटों के साथ होगा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। ये सीटें अप्रैल 2026 में सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हो रही हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी इसी दौरान मतदान होगा। आयोग के निर्देशों के मुताबिक, इन सभी सीटों के लिए 16 मार्च को वोट डाले जाएंगे और उसी शाम परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के हिसाब से भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर टिका है भविष्य
राज्यसभा की जिन दो सीटों पर चुनाव होना है, उन्हें लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में हलचल है। हालांकि, भाजपा ने जहां नामों का पैनल भेजकर बढ़त बना ली है, वहीं कांग्रेस के भीतर फिलहाल केवल आंतरिक चर्चाओं का दौर ही जारी है। निर्वाचन नियमों के अनुसार, विधानसभा के सदस्य इन प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास सदन में स्पष्ट बहुमत है, जिसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि पार्टी दोनों ही सीटों पर कब्जा जमाने की कोशिश करेगी।
अप्रैल में रिटायर हो रहे दिग्गज सदस्य
देशभर में अप्रैल महीने में कई बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। महाराष्ट्र में शरद पवार जैसे दिग्गजों की सीटें भी इस सूची में शामिल हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां से दो सदस्यों की विदाई के बाद नए चेहरे उच्च सदन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि राज्यसभा के लिए भेजे गए नामों में अनुभव और युवा ऊर्जा का सही तालमेल बिठाया गया है। सरोज पांडे और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे नेताओं के पास लंबा विधायी अनुभव है, जबकि प्रबल प्रताप जूदेव और नवीन मार्कंडेय जैसे नाम क्षेत्रीय प्रभाव रखते हैं।
16 मार्च को होगा अंतिम फैसला
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 16 मार्च को होने वाला मतदान यह तय कर देगा कि छत्तीसगढ़ से कौन दिल्ली जाएगा। भाजपा हाईकमान जल्द ही पैनल में से किन्हीं दो नामों को हरी झंडी दे सकता है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो पार्टी किसी एक पुराने अनुभवी चेहरे और एक नए चेहरे को मौका देकर सबको चौंका सकती है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 26 मार्च है, जिससे पहले भाजपा अपने पत्तों को पूरी तरह खोल देगी।



