
Akshaya Tritiya 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है और इसे बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त के किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन शुरू किए गए कामों का फल हमेशा बढ़ता ही है, कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है — मतलब ऐसा जो कभी क्षय न हो।
सोने-चांदी की खरीदारी का ट्रेंड
अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने का खास चलन है। लोग इस दिन गहनों के साथ-साथ बर्तन भी खरीदते हैं। मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से घर में समृद्धि आती है और लक्ष्मीजी की कृपा बनी रहती है।
वास्तु टिप्स: शुभता को बढ़ाने के आसान उपाय
अब बात करते हैं उन जरूरी वास्तु उपायों की, जिन्हें अक्षय तृतीया पर अपनाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
घर की सफाई है जरूरी
वास्तु शास्त्र कहता है कि जिस घर में सफाई रहती है, वहां लक्ष्मीजी का वास होता है। इस दिन घर को अच्छे से साफ करें और फटे-पुराने कपड़े या टूटे चप्पल बाहर निकाल दें। ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं।
झाड़ू को लेकर लापरवाही न करें
झाड़ू को वास्तु में लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। टूटी-फूटी झाड़ू को घर में रखना वर्जित है। अक्षय तृतीया के दिन ऐसी झाड़ू को बाहर कर दें वरना लक्ष्मीजी नाराज़ हो सकती हैं।
आईने की दिशा से मिलेगा लाभ
वास्तु शास्त्र में आईने की दिशा भी मायने रखती है। अक्षय तृतीया पर उत्तर दिशा में आईना लगाएं। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
तिजोरी में रखें लाल कपड़े में चांदी का सिक्का
इस दिन तिजोरी की साफ-सफाई करें और उसमें लाल कपड़े में लपेटकर चांदी का सिक्का रखें। यह उपाय धन-दौलत में वृद्धि करता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
अक्षय तृतीया केवल खरीदारी का ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का दिन है। वास्तु के इन आसान उपायों को अपनाकर आप न सिर्फ अपने घर की ऊर्जा को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि लक्ष्मीजी की कृपा भी पा सकते हैं।
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