
रायपुर: छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) भर्ती 2018 की प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों का संघर्ष एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर उग्र होता दिख रहा है। शनिवार को अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का एक दल परिजनों के साथ डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात करने पहुंचा था। उम्मीद थी कि लंबे समय से अटकी इस भर्ती पर कोई सकारात्मक फैसला आएगा, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। अभ्यर्थियों के अनुसार, गृहमंत्री ने उनकी मांगों पर कोई ठोस वादा करने के बजाय उन्हें तत्काल धरना खत्म करने की हिदायत दे दी। मंत्री के इस कड़े रुख से निराश होकर अभ्यर्थी वापस नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल लौट गए हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात का मिला आश्वासन: 5 प्रतिनिधियों की बात सुनेंगे सीएम साय
हालांकि मुलाकात पूरी तरह विफल नहीं रही, गृहमंत्री ने बीच का रास्ता निकालते हुए अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि उनके 5 प्रतिनिधियों की मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कराई जाएगी। मंत्री ने वादा किया है कि वे खुद इन युवाओं की बात मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। प्रशासन की ओर से जल्द ही समय तय कर अभ्यर्थियों को सूचित किया जाएगा कि यह बैठक कब होगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का इंतजार करेंगे, लेकिन तब तक उनका विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं।
तूता में जारी रहेगा आंदोलन: ‘ठोस आश्वासन मिलने तक घर नहीं लौटेंगे’
गृहमंत्री से मुलाकात के बाद धरना स्थल पर हुई बैठक में सभी अभ्यर्थियों ने एक सुर में आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। युवाओं का तर्क है कि वे 2018 से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं और अब केवल मौखिक दिलासों से काम नहीं चलेगा। जब तक शासन की ओर से नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कोई लिखित या ठोस आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक वे तूता से नहीं हटेंगे। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगें पूरी न होने तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।



