
आज के दौर में तकनीक जितनी मददगार है उसके पीछे उतना ही बड़ा काला बाजार भी खड़ा हो गया है। हाल ही में एक लंबे वीडियो के वायरल होने के बाद टेलीग्राम पर चल रहे अश्लील सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। साइबर विशेषज्ञों और जांच में यह कड़वा सच सामने आया है कि इस प्लेटफॉर्म पर हजारों ऐसे गुप्त ग्रुप मौजूद हैं जहाँ कपल्स के प्राइवेट पलों को बकायदा रेट कार्ड के साथ बेचा जा रहा है। यहाँ लोगों की निजता का कोई मोल नहीं है और वह महज एक बिकाऊ सामान बनकर रह गई है।
छत्तीसगढ़ी कपल्स के वीडियो की मांग सबसे ज्यादा
इस गंदे कारोबार में सबसे ज्यादा मांग छत्तीसगढ़ी जोड़ों के वीडियो की देखी जा रही है। दलालों और ग्राहकों के बीच होने वाली बातचीत से पता चलता है कि लोग स्थानीय परिवेश और छत्तीसगढ़ी लहजे वाले वीडियो के लिए मोटी रकम चुकाने को तैयार रहते हैं। दलाल ग्राहकों की पसंद के हिसाब से राज्यों की अलग कैटेगरी बनाकर वीडियो उपलब्ध कराते हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, बंगाल, यूपी और बिहार जैसे राज्यों के वीडियो भी शामिल होते हैं।
मोबाइल रिपेयरिंग और पुराना फोन बेचना पड़ सकता है भारी
इस पूरे काले धंधे का सबसे डरावना पहलू यह है कि ये वीडियो अक्सर किसी छिपे हुए कैमरे के बजाय कपल्स के अपने मोबाइल फोन से लीक होते हैं। अक्सर लोग अपना पुराना फोन बेचते समय या किसी दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग के लिए देते समय यह भूल जाते हैं कि डिलीट किया गया डेटा भी दोबारा निकाला जा सकता है। इसके अलावा क्लाउड स्टोरेज की हैकिंग और बदले की भावना से वीडियो वायरल करना भी इस गिरोह को बढ़ावा दे रहा है।
धुंधली क्लिप और डिजिटल पेमेंट के जरिए बिछाया जाता है जाल
यह सिंडिकेट बहुत शातिर तरीके से काम करता है जो पहले वीडियो के छोटे और धुंधले क्लिप दिखाकर ग्राहकों को अपने झांसे में लेता है। एक बार जब ग्राहक तैयार हो जाता है तो उससे यूपीआई या अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए पैसे वसूले जाते हैं। पैसा मिलते ही पूरा वीडियो साझा कर दिया जाता है। एक बार जब कोई वीडियो इन दलालों के हाथ लग जाता है तो उसे इंटरनेट के इस अनंत जाल से हटाना लगभग नामुमकिन हो जाता है जिससे पीड़ित की मानसिक स्थिति पूरी तरह बिखर जाती है।
आईटी एक्ट और पॉक्सो के तहत हो सकती है कड़ी सजा
साइबर कानून के जानकारों और छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में कड़ी चेतावनी जारी की है। कानून के अनुसार ऐसे अश्लील वीडियो को बेचना या प्रसारित करना ही नहीं बल्कि उन्हें खोजना या अपने फोन में रखना भी आईटी एक्ट की धारा 67 और 67ए के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। यदि किसी वीडियो में कोई नाबालिग शामिल है तो मामला पॉक्सो एक्ट के तहत और भी संगीन हो जाता है जिसमें उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है। पुलिस अब उन बैंक खातों को ट्रैक कर रही है जिनसे यह लेनदेन हो रहा है।
सजगता ही इस डिजिटल दलदल से बचने का एकमात्र रास्ता
यह खबर हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि हम अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर रत्ती भर भी लापरवाही न बरतें। अपने निजी पलों को कैमरे में कैद करना या किसी अनजान लिंक पर भरोसा करना आपकी जिंदगी को इन दलालों के बाजार में पहुंचा सकता है। समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि ऐसी सामग्री को देखने या शेयर करने के बजाय उसे रिपोर्ट किया जाए क्योंकि आपका एक गलत क्लिक किसी की पूरी जिंदगी तबाह करने वाले गिरोह को ताकत दे सकता है।



