
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार को दो समुदायों के बीच बड़ा विवाद हो गया। राजिम के पास स्थित दुधकैयां गांव में मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते दंगों जैसी स्थिति पैदा कर दी। विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ शरारती तत्वों ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। जैसे ही हमले की खबर गांव में फैली, तनाव चरम पर पहुंच गया और आक्रोशित भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
धुएं की लपटों में घिरा गांव: उपद्रवियों ने फूंके घर और वाहन
मारपीट के विरोध में उतरी भीड़ ने हमलावरों के घरों को अपना निशाना बनाया। देखते ही देखते कई मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में भी आग लगा दी गई। गांव के आसमान में चारों ओर धुएं का गुबार और लपटें दिखाई देने लगीं। इस अचानक हुए उपद्रव से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए।
भारी पुलिस बल तैनात: छावनी में तब्दील हुआ दुधकैयां गांव
बिगड़ते हालात को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। राजिम और फिंगेश्वर सहित आसपास के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पूरे गांव में चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख़्ती दिखाई है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
अस्पताल में घायलों का इलाज: राहत और बचाव कार्य जारी
हिंसा और मारपीट में घायल हुए लोगों को एंबुलेंस की मदद से फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कई लोगों का इलाज चल रहा है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियों को भी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इस हिंसा में किसी की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस की प्राथमिकता घायलों को उपचार दिलाने और पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की है।
कर्फ्यू जैसे हालात: अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर
गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अघोषित कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि भ्रामक जानकारी न फैले। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दोषियों की पहचान शुरू: शांति समिति से सौहार्द की अपील
पुलिस अब इस पूरी घटना की तह तक जाने के लिए जांच शुरू कर चुकी है। हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की मदद ली जा रही है। इलाके में दोबारा आपसी भाईचारा बहाल करने के लिए शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठकें की जा रही हैं। प्रशासन की कोशिश है कि गांव में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।



