
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। तुमड़ीबहार क्षेत्र के सांकरा से मैनपुर मुख्य मार्ग पर किसानों ने सांकेतिक भूख हड़ताल और चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में करीब 20 गांवों के किसान और ग्रामीण एकजुट हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मूलभूत सुविधाओं और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
7 साल से अटकी हैं बुनियादी जरूरतें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा ग्रामीण अपने क्षेत्रों के स्कूलों का उन्नयन करने, जर्जर सड़कों की जगह पक्की सड़कों का निर्माण कराने और बेलरबाहरा स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम व आरएचओ की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। समिति का दावा है कि ये 10 सूत्रीय मांगें पिछले सात वर्षों से पेंडिंग हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय नगरी में भी अपनी बात रखी थी, मगर वहां से भी सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा।

बातचीत के बाद भी मांग पर अड़े ग्रामीण
चक्काजाम की खबर मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन ग्रामीण अब लिखित आदेश और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें बार-बार बहलाया जाता है और चुनाव बीतते ही उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। यही वजह है कि इस बार वे आर-पार की लड़ाई के मूड में सड़क पर बैठे हैं।

आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
सुबह से चल रहे इस प्रदर्शन के कारण सांकरा-मैनपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन है। यदि समय रहते उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में जिले भर के किसानों को एकजुट कर एक बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और प्रशासन के साथ बातचीत का दौर जारी है।
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