
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला और कस्टम मिलिंग घोटाला से जुड़े मामलों में आज दो आरोपियों को एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल को न्यायिक हिरासत में 13 अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया गया है। चैतन्य बघेल के साथ कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी कोर्ट में पेश किया गया।
चैतन्य बघेल को 13 दिन की रिमांड के बाद भेजा गया जेल
बता दें कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन यानी 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। ईडी की जाँच के आधार पर एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के तहत चैतन्य बघेल से 13 दिन की रिमांड पर पूछताछ की गई थी। पूछताछ की अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने जमानत के लिए भी आवेदन लगाया है।

चैतन्य बघेल पर 16.70 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन का आरोप
ईडी की जाँच में यह सामने आया है कि इस शराब घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ था और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुँची थी। जाँच एजेंसी के अनुसार, चैतन्य बघेल को इस शराब घोटाले के तहत 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं।
ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने इस अवैध पैसे का उपयोग अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया। उन्होंने यह राशि ठेकेदार को नकद भुगतान और नकदी के बदले बैंक प्रविष्टियों के माध्यम से इस्तेमाल की। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत की और विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैटों की खरीद की आड़ में 5 करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए। जाँच में ऐसे बैंकिंग ट्रेल मिले हैं, जो दर्शाते हैं कि त्रिलोक सिंह ढिल्लों को भी शराब सिंडिकेट से भुगतान मिला था।



