
Holika Dahan New Guidelines: शहर में होली का खुमार चढ़ने लगा है और बाजारों में गुलाल-पिचकारियों की रौनक दिख रही है। इस उत्साह के बीच प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को हुई शांति समिति की बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परंपराओं का सम्मान होगा, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। होलिका दहन के लिए इस बार कड़े नियम बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके।
सुरक्षित स्थानों पर ही जलेगी होली, सड़क पर पाबंदी
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि होलिका दहन केवल खुले और सुरक्षित मैदानों में ही किया जाएगा। अक्सर लोग मुख्य रास्तों या बिजली के तारों के नीचे होली जला देते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने का खतरा बना रहता है। अब बिजली की लाइनों, संकरी गलियों और भूसे के ढेरों के पास आग जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा बीच सड़क पर गड्ढे करके या यातायात बाधित करके होलिका जलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कीचड़ और मुखौटों पर रोक, शराबियों की खैर नहीं
त्योहार की आड़ में उत्पात मचाने वालों के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है। चेहरे पर मुखौटा लगाकर पहचान छिपाने और हुड़दंग करने वालों को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। जबरन किसी पर रंग डालना, कीचड़ या ग्रीस का उपयोग करना और कपड़े फाड़ने जैसी हरकतों को अपराध माना जाएगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलेगा। पकड़े जाने पर वाहन जब्त करने के साथ ही कड़ी कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली तो सीधे जेल
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शांति बनाए रखने के लिए साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी धर्म या समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ संदेश साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रुप एडमिन की भी यह जिम्मेदारी होगी कि वे विवादित सामग्री को फैलने से रोकें। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि आपसी भाईचारा बना रहे।
बोर्ड परीक्षाओं का रखें ध्यान, डीजे के लिए अनुमति जरूरी
चूंकि इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए ध्वनि प्रदूषण को लेकर नियम कड़े किए गए हैं। यातायात विभाग और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के डीजे या लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी रहेगी। तेज आवाज से विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा न आए, इसके लिए समय सीमा और आवाज की तीव्रता का पालन करना होगा। एसडीएम से अनुमति लेने के बाद ही सीमित आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।



