
कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए विधायक अजय चंद्राकर की कोशिशों को बड़ी सफलता मिली है। क्षेत्र की एक पुरानी और महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए ग्राम मेघा से खैरझिटी मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 1039.64 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। वित्त विभाग ने इस परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के बनने से इलाके में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
व्यापार और आस्था का बनेगा संगम: श्रद्धालुओं और व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत
मेघा इस पूरे अंचल का मुख्य व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां रोजाना व्यापार और बाजार के काम से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही लगी रहती है। सड़क के चौड़ा होने से न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। खैरझिटी स्थित मधुबन धाम में हर साल फाल्गुन महीने में विशाल मेला लगता है। अब यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को संकरी सड़क की समस्या से निजात मिलेगी और उनका सफर सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।
छात्रों और किसानों के लिए वरदान: सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई ऊर्जा
इस सड़क के बन जाने से अरौद, गिरौद सौंगा, रांकाडीह, हरदी और बेलौदी जैसे गांवों से आने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में आसानी होगी। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ स्थानीय किसानों को भी मिलेगा जिन्हें अपनी उपज मंडी तक ले जाने में अब कम समय लगेगा। शिक्षा, कृषि और व्यापार से जुड़े लोगों को आधुनिक सड़क की सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस महत्वपूर्ण कार्य की मंजूरी मिलने पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जताते हुए विधायक अजय चंद्राकर के प्रति आभार प्रकट किया है।
सजग नेतृत्व से ही प्रशस्त होता है विकास का मार्ग
किसी भी क्षेत्र की प्रगति और वहां रहने वाले लोगों की खुशहाली सीधे तौर पर वहां के जनप्रतिनिधि की दूरदर्शिता और सक्रियता पर निर्भर करती है। विधायक अजय चंद्राकर द्वारा मेघा-खैरझिटी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये की मंजूरी दिलाना यह साबित करता है कि एक प्रभावशाली नेता किस तरह जनता की बुनियादी समस्याओं को शासन तक पहुंचाकर उनका समाधान निकालता है। जब कोई नेता क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जरूरतों को समझते हुए सड़क, शिक्षा और व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने की पहल करता है, तो वह केवल एक सड़क नहीं बनाता बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उन्नति के नए अवसर पैदा करता है। असल विकास उस इच्छाशक्ति का परिणाम होता है जिसमें जनहित को सर्वोपरि रखा जाता है।




