
कोरबा, 20 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव को कोरबा दौरे पर उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब नगर निगम में लंबित विकास कार्यों को लेकर उनसे तीखा सवाल पूछ लिया गया। मीडिया ने जब पूछा कि “राज्य में पैसों की कोई कमी नहीं” होने के बावजूद नगर निगम में सैकड़ों वर्क ऑर्डर साइन क्यों नहीं हो रहे, तो मंत्रीजी को यह सवाल कुछ खास पसंद नहीं आया। जवाब देने की जगह उन्होंने पहले बात टाली और फिर चुपचाप पलटकर चलते बने।
“पैसे की कोई कमी नहीं” – डिप्टी सीएम का दावा
Korba News: कोरबा प्रवास के दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव ने नगर निगम के 30 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के आने के बाद विकास की रफ्तार तेज हुई है और पैसों की कोई किल्लत नहीं है।
सवाल सुनते ही डिप्टी सीएम ने बदला रुख
Deputy CM Arun Sao: लेकिन जब मीडिया ने सीधे सवाल दागा कि जब पैसा है, तो वर्क ऑर्डर की फाइलें नगर निगम आयुक्त के टेबल पर क्यों धूल खा रही हैं, तो डिप्टी सीएम का मूड बदल गया। उन्होंने पहले तो अनभिज्ञता जताई, फिर कहा कि “पहले की अव्यवस्था अब खत्म हो चुकी है।” आगे सवाल का सामना करने की बजाय मंत्रीजी ने संवाददाता से मुंह मोड़ा और वहां से निकल लिए।
विपक्ष ने खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप
Tender Scam: नगर निगम कोरबा के नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम से सीधी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में सत्ता बदलने के बाद से ही जमकर फिजूलखर्ची हो रही है। शहर के कई वार्ड बारिश में डूबे हुए हैं, लेकिन विकास कार्य ठप हैं।
Media Question: साहू ने यह भी दावा किया कि निगम प्रशासन चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडरों में गड़बड़ी कर रहा है। हाल ही में 18 निविदाओं में से 16 फर्मों को गलत तरीके से बाहर कर दिया गया और सिर्फ 2 को खोला गया। उन्होंने यह भी कहा कि सैकड़ों वर्क ऑर्डर और ठेकेदारों के बिल पेंडिंग हैं, लेकिन अफसरों द्वारा उस पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे, जिससे शहर का विकास पूरी तरह ठहर गया है।

नतीजा: सवाल पूछो तो नेता चुप, जनता परेशान
Political Controversy: कोरबा की यह तस्वीर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है – जब राज्य सरकार विकास के लिए पैसों की कमी न होने का दम भरती है, तो फाइलें क्यों अटकी हैं? और जब सवाल पूछे जाते हैं, तो मंत्री जवाब देने के बजाय कन्नी क्यों काट लेते हैं? जवाब अभी पेंडिंग है… ठीक वैसे ही, जैसे नगर निगम की फाइलें।
निगम में फिजूलखर्ची और मनमानी को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने डिप्टी सीएम से की शिकायत
नगर निगम कोरबा के नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मुलाकात कर निगम प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद नगर निगम में भारी फिजूलखर्ची की जा रही है। एक ओर जहां बारिश के चलते शहर के अधिकांश वार्ड जलमग्न हैं, वहीं दूसरी ओर निगम के कुछ पदाधिकारी मनपसंद ठेकेदारों को ठेके दिलाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। साहू ने दावा किया कि हाल ही में जारी की गई 18 निविदाओं में से 16 फर्मों की बोलियों को अनुचित तरीके से निरस्त कर केवल 2 निविदाएं खोली गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निगम में सैकड़ों वर्क ऑर्डर और ठेकेदारों के बिल लंबित हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं, जिससे शहर के विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं।
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