
रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुए कार्यों की जांच के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर करेंगे। समिति में भाजपा और कांग्रेस के 9 विधायक शामिल होंगे, जो विधानसभा के मानसून सत्र के बाद जांच प्रक्रिया शुरू करेंगे।
Smart City Project: करीब 1900 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से विभिन्न योजनाओं को अमल में लाया गया था। अब इन योजनाओं में गड़बड़ी, वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाएगी।
स्टीयरिंग कमेटी कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता, टेंडर प्रक्रिया और फंडिंग स्रोतों की विस्तार से समीक्षा करेगी। जांच के उपरांत समिति अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति में भाजपा और कांग्रेस के विधायक:
- श्री अजय चंद्राकर
- सुश्री लता उसेंडी
- श्री भईया लाल राजवाड़े
- श्री राजेश मूणत
- श्रीमती रायमुनी भगत
- श्री उमेश पटेल
- श्री भोलाराम साहू
- श्री कुंवर सिंह निषाद
- श्रीमती सावित्री मनोज मंडा
अजय चंद्राकर ने विधानसभा सत्र में उठाया था मुद्दा
MLA Ajay Chandrakar: विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रमुखता से उठाया था, जब भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से सवाल किए थे।
चंद्राकर ने बूढ़ा तालाब सौंदर्यीकरण परियोजना में अलग-अलग मदों से खर्च की गई राशि पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसमें स्मार्ट सिटी, पर्यटन मंडल और नगर निगम तीनों की फंडिंग शामिल है, और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। जवाब में मंत्री अरुण साव ने परीक्षण कराने का आश्वासन दिया था। जिसपर स्टीयरिंग कमेटी का गठन विधानसभा के मानसून सत्र के बाद जांच प्रक्रिया शुरू की जा रही है।



