
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे ये युवा जब सड़क पर उतरे, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है और प्रशासन समाधान निकालने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और तीखी झूमा-झटकी
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच जमकर टकराव देखने को मिला। जब आंदोलनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान जवानों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक झूमा-झटकी चलती रही। युवाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बर्बर व्यवहार किया और उन्हें जबरन मौके से खदेड़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
वाटर कैनन का सामना और महिलाओं का साहस
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की तेज बौछारें छोड़ीं। चश्मदीदों के मुताबिक, जवान काफी नजदीक से अभ्यर्थियों पर पानी डाल रहे थे। इस बीच एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया जब कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने साहस दिखाते हुए दौड़कर पानी की पाइप को ही पकड़ लिया। महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच पाइप को लेकर काफी देर तक छीना-झपटी होती रही, जिसके बाद पानी की बौछार रुकी।

बौछार के बाद चार अभ्यर्थी हुए बेहोश
पानी की तेज बौछार और लगातार धक्का-मुक्की के कारण मैदान में अफरा-तफरी मच गई। इस घटनाक्रम के दौरान चार अभ्यर्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद अन्य साथियों ने तुरंत इसकी सूचना एंबुलेंस को दी। बेहोश हुए चारों अभ्यर्थियों को आनन-फानन में अभनपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
नियुक्ति पत्र की मांग पर अड़े हैं अभ्यर्थी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल अपना हक मांग रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि सहायक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जो लंबे समय से रुकी हुई है, उसे तत्काल पूरा कर पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएं। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार की ओर से कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। अस्पताल में भर्ती साथियों की स्थिति को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में भारी रोष व्याप्त है।



