
बिलासपुर: रेलवेकर्मी दंपत्ति को दस्तावेजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन फर्जी तरीके से बेचने के आरोप में पुलिस ने एक फरार महिला को गिरफ्तार किया है। तोरवा थाना क्षेत्र के इस अजीबोगरीब मामले में आरोपी महिला सावित्री तिवारी (राजकिशोर नगर) ने धोखाधड़ी के लिए एक पूरी कहानी गढ़ी थी। दंपत्ति के जीवित होने के बावजूद सावित्री ने उन्हें कागजों में मृत दिखा दिया और खुद को उनकी सगी बेटी बताकर जमीन का सौदा कर दिया।
फर्जी बेटी बनकर कूटरचित दस्तावेज़ों से बेचा प्लॉट
शांतनु कुमार सेनापति और उनकी पत्नी अनुराधा सेनापति के जीवित होने के बावजूद, आरोपी सावित्री तिवारी ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज़ तैयार किए। उसने दस्तावेजों में दंपत्ति को मृत दिखाया और खुद को उनकी सगी बेटी साबित कर दिया। इसके बाद, उसने धोखाधड़ी से दंपत्ति की जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जमीन खरीदने वालों को कैसे गुमराह किया गया और क्या वे इस साजिश में शामिल थे।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
जब जमीन बिकने की जानकारी अनुराधा सेनापति को मिली, तो उन्होंने तुरंत तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी सावित्री तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया। घटनाक्रम के बाद से सावित्री लगातार फरार चल रही थी, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही थी।
फरार आरोपी गिरफ्तार, आगे की पूछताछ जारी
तोरवा थाना की टीआई अभय सिंह बैस की टीम ने लगातार तलाश के बाद सावित्री तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने जमीन सौदे और नकली दस्तावेजों को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस संगठित ठगी में सावित्री के साथ कोई और व्यक्ति या गैंग भी शामिल था या नहीं।



