छत्तीसगढ़ विधानसभा में डीएपी खाद को लेकर भारी हंगामा, विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंचे – कृषि मंत्री से इस्तीफे की मांग

रायपुर: CG Legislative Assembly Monsoon session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को डीएपी खाद की आपूर्ति को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने खाद संकट को लेकर सरकार को घेरा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम से इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

उमेश पटेल ने उठाया खाद आपूर्ति का मुद्दा

CG DAP Supply Issue: कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान डीएपी खाद भंडारण को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए 3.10 लाख मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य था, लेकिन अब तक महज 1.48 लाख मीट्रिक टन का ही भंडारण हो पाया है।
उन्होंने सवाल किया,
“जब आधे से भी कम भंडारण हुआ है, तो आगे किसानों को खाद कैसे मिलेगा? सप्लाई का स्पष्ट प्लान क्या है?”

कृषि मंत्री ने दी सफाई, विपक्ष असंतुष्ट

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब में कहा कि खाद आपूर्ति को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि
“डीएपी की कमी को देखते हुए वैकल्पिक खाद को प्रमोट किया जा रहा है और किसानों को डीएपी नैनो इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि

“20 जुलाई तक 18,885 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति होगी और अगले 5 दिनों में 14 रैक एनपीके और डीएपी खाद राज्य में पहुंचेंगे।”

हालांकि, जब विपक्ष ने यह पूछा कि अभी तक कुल कितना डीएपी खाद आया है, तो मंत्री ने स्पष्ट आंकड़ा न देकर कहा कि “डीएपी की जानकारी अलग से दी जाएगी।”

कृषि मंत्री से इस्तीफे की मांग पर अड़े विधायक

कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायक सरकार को किसान विरोधी बताते हुए इस्तीफा दो–इस्तीफा दो के नारे लगाने लगे। कुछ विधायक गर्भगृह की ओर बढ़े, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदन की कार्यवाही को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।

भविष्य की रणनीति पर टिकी नज़रें

विपक्ष का कहना है कि यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिला तो फसल संकट गहरा जाएगा।
वहीं सरकार की ओर से बदलती परिस्थितियों में वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाने की बात की जा रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में खाद संकट से निपटने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।

Also Read: छत्तीसगढ़ में खाद संकट से परेशान किसान: DAP नहीं, NPK भी नदारद, खरीफ सीजन की शुरुआत में ही अन्नदाता बेहाल

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button