
छत्तीसगढ़ बीजेपी में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों पर अब फैसला करीब आता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, 10 अगस्त को पार्टी प्रदेश संगठन में कई बड़े बदलावों का ऐलान कर सकती है। इनमें प्रदेश महामंत्री, महिला मोर्चा अध्यक्ष, भाजयुमो प्रमुख, मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता टीम जैसे अहम पदों पर नए चेहरों की नियुक्तियां तय मानी जा रही हैं।
मूणत को नई भूमिका में देखा जा सकता है
तीन बार मंत्री रहे राजेश मूणत को संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। वे वर्तमान में रायपुर पश्चिम से विधायक हैं और पार्टी के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के विकास उपाध्याय ने हराया था, लेकिन वे संगठन में अब भी सक्रिय हैं।
महामंत्री पद के लिए 4 नामों की चर्चा
अभी प्रदेश भाजपा में चार महामंत्री हैं, लेकिन इस बार एक पद को खत्म कर तीन किया जा सकता है। दो महामंत्री—संजय श्रीवास्तव (जो अब Naan अध्यक्ष हैं) और जगदीश रामू रोहरा (जो धमतरी के महापौर बन चुके हैं)—के स्थान रिक्त हैं।
नए महामंत्रियों की रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:
- अभिषेक सिंह (पूर्व सांसद और रमन सिंह के बेटे)
- नवीन मार्कंडेय (आरंग के पूर्व विधायक)
- रजनीश सिंह (पूर्व विधायक)
- अखिलेश सोनी (युवा नेता)
इसके अलावा गुलशन ऋषि और अमरजीत दुआ को प्रदेश कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए जाने की चर्चा है।
मीडिया प्रभारी बनने की दौड़ में दो नाम
प्रदेश में बीजेपी की मीडिया रणनीति को धार देने के लिए हेमंत पाणिग्रही और अनुराग अग्रवाल में से किसी एक को मीडिया प्रभारी बनाया जा सकता है। पार्टी चाहती है कि मीडिया में उसका पक्ष और योजनाएं प्रभावी तरीके से सामने आएं।
प्रवक्ताओं की टीम में भी होगा बदलाव
भाजपा के वर्तमान में 10 प्रवक्ता हैं। लेकिन पार्टी अब इस संख्या को घटाकर ऐसी टीम तैयार करना चाहती है, जो विषयों को स्पष्टता से और आक्रामकता के साथ पेश कर सके। ऐसे नेताओं को चुना जाएगा जो मीडिया हैंडलिंग में कुशल हों।
महिला मोर्चा अध्यक्ष की कुर्सी भी खाली होगी
शालिनी राजपूत, जो वर्तमान में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं, उन्हें सरकार ने हस्तशिल्प विकास बोर्ड की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब महिला मोर्चा प्रमुख की जिम्मेदारी किसी और को दी जाएगी। इस पद के लिए कई प्रभावशाली महिला नेताओं ने दावेदारी भी की है।
भाजयुमो अध्यक्ष भी बदले जाएंगे
रवि भगत, जो मौजूदा भाजयुमो प्रमुख हैं, को पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है। कारण है उनकी कुछ विवादास्पद टिप्पणियां। नए अध्यक्ष के लिए पार्टी जातिगत समीकरणों पर भी विचार कर रही है। ओबीसी या सामान्य वर्ग से आने वाले तेजतर्रार और जमीनी नेता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी
भाजपा के 7 मोर्चों और 30 प्रकोष्ठों में भी मंडल और जिला स्तर पर नए अध्यक्षों की नियुक्ति अभी बाकी है। मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और अब कार्यकर्ता भी नए नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
दिल्ली से मिली हरी झंडी
हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव दिल्ली प्रवास पर थे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की। इसी दौरान छत्तीसगढ़ संगठन विस्तार को लेकर भी निर्देश मिले। इसके पहले राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे और उन्होंने भी सीनियर नेताओं से बैठक की थी।
क्या कहती है अंदर की हलचल?
इन नियुक्तियों को लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नेताओं की लॉबी सक्रिय है। नेताओं ने अपनी पसंद के नामों को आगे बढ़ाने के लिए RSS से लेकर पार्टी हाईकमान तक एप्रोच तेज कर दी है। यानी संगठन विस्तार सिर्फ नामों की फेरबदल नहीं, बल्कि अंदरूनी राजनीति का भी बड़ा हिस्सा बन चुका है।
अब सबकी नजरें 10 अगस्त पर टिकी हैं, जब भाजपा के छत्तीसगढ़ संगठन में बदलाव की तस्वीर साफ हो सकती है



