
Durg Nun Arrest Case Update: छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर 25 जुलाई को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो ननों और एक युवक को तीन युवतियों के साथ देखा। कार्यकर्ताओं ने उन पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप लगाए और मौके पर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्हें दुर्ग जीआरपी के हवाले कर दिया गया।

पुलिस ने जांच के बाद धार्मिक स्वतंत्रता कानून की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया और तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

केरल से आए सांसद बोले– “यह सिर्फ केस नहीं, अल्पसंख्यकों पर साजिश है”
रविवार को कांग्रेस के छह सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल ननों से मुलाकात करने दुर्ग पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में केरल से सांसद एनके प्रेमचंदन भी शामिल थे। उन्होंने इस गिरफ्तारी को “संवैधानिक अधिकारों पर हमला” और “क्रिश्चियन अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश” बताया। प्रेमचंदन ने साफ कहा कि तीनों लड़कियां—जिनकी उम्र 21, 23 और 25 साल है—नौकरी की तलाश में आगरा जा रही थीं और उन पर लगाए गए मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप बेबुनियाद हैं।

“बीजेपी शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं”
सांसदों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि ऐसा पैटर्न बीजेपी शासित राज्यों में उभर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और मणिपुर का भी जिक्र किया, जहां कथित तौर पर क्रिश्चियन अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
सांसद बोले- बजरंग दल की गुंडागर्दी, पुलिस मूकदर्शक
कांग्रेस सांसदों ने बजरंग दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और चैरिटेबल अस्पतालों को लगातार धमकाया जा रहा है। प्रेमचंदन ने बताया कि एक महीने पहले दो पादरियों पर हमला किया गया था, जो अभी तक अस्पताल में भर्ती हैं। उनका आरोप है कि पुलिस केवल छोटी-मोटी एफआईआर दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेती है, जबकि असली गुनहगार खुलेआम घूमते हैं।
संसद में उठेगा मामला, शाह और मोदी से मांगी मुलाकात
Lok Sabha Debate: सांसदों ने कहा कि इस मुद्दे पर फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस हाईकमान को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही सोमवार को लोकसभा में यह विषय उठाया जाएगा। सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की बात भी कही है, ताकि देशभर में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोका जा सके।

केरल भाजपा नेता अनूप एंटोनी ने गृहमंत्री शर्मा से की मुलाकात
दूसरी ओर, केरल भाजपा के महामंत्री अनूप एंटोनी ने भी छत्तीसगढ़ पहुंचकर गृह मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

क्या यह धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल है या राजनीति का नया मुद्दा?
दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी का मामला अब महज एक कानूनी केस नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और धार्मिक बहस का मुद्दा बन चुका है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे अल्पसंख्यकों पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा अभी निष्पक्ष जांच की मांग करते नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद से सड़क तक बहस का कारण बन सकता है।




