
धमतरी जिले के नगरी में आदिवासी समाज के लोगों ने मोर्चा खोलते हुए सड़क पर चक्काजाम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगरी थाना प्रभारी ने एक आदिवासी नेता के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया है। इस घटना के बाद समाज के लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर थाने का घेराव करने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों की मांग है कि अपमानजनक व्यवहार करने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
गुमशुदा लड़कियों की तलाश न होने पर नाराजगी
विवाद की असली जड़ समाज की दो नाबालिग लड़कियों का लापता होना बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि लड़कियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जब आदिवासी नेता इस संबंध में जानकारी लेने थाने पहुंचे, तब उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। कार्रवाई में देरी और पुलिस के अड़ियल रवैये ने आग में घी डालने का काम किया, जिससे आक्रोशित होकर लोग सड़क पर उतर आए।
मौके पर भारी पुलिस बल और अधिकारी तैनात
चक्काजाम और थाने के घेराव की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वहीं समाज के लोग अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यातायात बहाल करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की है।
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