WCONF 2025: कलिंगा यूनिवर्सिटी में रिसर्च का मेला, तीसरी IEEE वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटिंग का हुआ आयोजन

रायपुर 27 जुलाई 2025: कलिंगा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर ने एक बार फिर तकनीकी शिक्षा और नवाचार में अपनी साख को मज़बूत किया है। मौका था 3rd IEEE वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटिंग (WCONF 2025) का, जो 25 से 27 जुलाई तक चला। इस इंटरनेशनल इवेंट का आयोजन कलिंगा यूनिवर्सिटी के IEEE स्टूडेंट ब्रांच ने किया था, जिसमें देश-विदेश से रिसर्चर जुटे थे।

कॉन्फ्रेंस को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (ANRF), भारत सरकार ने स्पॉन्सर किया और IEEE मध्यप्रदेश सेक्शन ने टेक्निकल को-स्पॉन्सर के तौर पर साथ निभाया। साथ ही सहयोगी संस्थानों में हैदराबाद की गीतांजलि कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (GCET) और नई दिल्ली का NDIM शामिल रहे।

देश और दुनिया से जुटे 2300+ रिसर्चर, 218 को मिला मंच

इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ने रिसर्च और इनोवेशन के नए आयाम खोल दिए। डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादार, जो IQAC की डायरेक्टर और IEEE स्टूडेंट ब्रांच की काउंसलर हैं, उन्होंने बताया कि इस साल कॉन्फ्रेंस को 2300 से ज़्यादा पेपर सबमिशन मिले थे। इन पेपर्स को 400 से अधिक एक्सपर्ट रिव्यूअर्स ने कई लेवल पर जांचा-परखा। आखिरकार 218 बेहतरीन रिसर्च पेपर को प्रेजेंटेशन के लिए चुना गया।

कॉन्फ्रेंस में 29+ थीम ट्रैक्स और 8+ टेक्निकल सेशन्स थे। विषय रहे — कम्युनिकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, IoT और कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़े टॉपिक्स।

कलिंगा यूनिवर्सिटी बनी रिसर्च की राजधानी

WCONF 2025 ने साबित कर दिया कि कलिंगा यूनिवर्सिटी सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि इनोवेशन का भी बड़ा अड्डा बन चुकी है। रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री को जोड़ने का जो मकसद था, वो पूरी तरह से सफल रहा। देश-विदेश से आए रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स ने नॉलेज का जबरदस्त एक्सचेंज किया।

5 बेस्ट पेपर्स को मिला विशेष सम्मान

2300+ पेपर्स में से सिर्फ 5 रिसर्च पेपर को चुना गया, जिन्हें बेस्ट पेपर अवॉर्ड से नवाजा गया। आइए जानते हैं किसका काम सबसे ज़्यादा चमका:

Real-Time Predictive Analytics in Streaming Data: Merging Data Science with Cloudless Computing

लेखक: सत्य मनेश वीरपनेनी, श्रीनिवास चिप्पागिरी, मिलनकुमार राणा, विजयकुमार कृष्णपिल्लै, हर्षिनी गदम
रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स और क्लाउडलैस कंप्यूटिंग को जोड़ने की नई तकनीक।

Explainability-Preserving Compression: Algorithmic Design for Responsible Lightweight AI

लेखक: करण अलंग, पूजा देवराजू, राघवेंद्र रेड्डी तुनिकी, अंकुर तिवारी, प्रतीक शर्मा
ऐसा एआई सिस्टम जो हल्का हो, तेज़ हो और फिर भी समझ में आए — Responsible AI की मिसाल।

Model-Centric Data Validation: A Feedback-Loop Approach to Dynamic Quality Control

लेखक: राजेश गंगावरापु, ओम हरीश कुंदरथी, अर्शिया शिरडी, श्रीनिवास विक्रम, जया एरिपिल्ला, अनिल कुमार जोंनालगड्डा
डेटा की क्वालिटी को लाइव मोड में जांचने का मॉडल-सेंट्रिक तरीका।

AI for Code: Reinforcement-Learned Compiler Optimizations for HPC Workflows

लेखक: सुमीर बाशा पेटा, रंगनाथ नागेश तावरे, बालकृष्ण पाटिल, रमेश कृष्ण महिमालूर, श्रीनिवास मड्डेला
HPC यानी हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में कोड को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए एआई का शानदार इस्तेमाल।

WCONF 2025 ने फिर साबित किया — भारत अब रिसर्च में पीछे नहीं

WCONF 2025 ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत का टेक्निकल और रिसर्च समुदाय अब सिर्फ सीख नहीं रहा, बल्कि सिखा भी रहा है। ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स की मौजूदगी और गुणवत्ता अब चर्चा का विषय बन चुकी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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