
रायपुर: राजधानी रायपुर के माना थाना प्रभारी (TI) मनीष तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो में इंस्पेक्टर मनीष तिवारी स्टेट हैंगर परिसर में सरकारी ड्यूटी के दौरान एक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के सामने नतमस्तक होते दिख रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि टीआई ने वर्दी में रहते हुए अपने जूते और टोपी उतारी और पूरी श्रद्धा के साथ धर्मगुरु के चरण स्पर्श किए। पुलिस मैन्युअल और अनुशासन के नियमों के मुताबिक, ऑन ड्यूटी किसी भी अधिकारी को केवल सैल्यूट करने की अनुमति होती है। वर्दी पहनकर किसी के पैर छूना या ऐसी व्यक्तिगत आस्था का प्रदर्शन करना पुलिस प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन माना जाता है।

पुराने विवादों से भी रहा है नाता: पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब टीआई मनीष तिवारी अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वह एक गंभीर विवाद में फंस चुके हैं। कुछ समय पहले पुलिस कस्टडी में मौजूद आरोपी अमित बघेल से हाथ मिलाते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। उस समय पुलिस की साख पर सवाल उठने के बाद एसएसपी ने कड़ा फैसला लेते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया था। अब एक बार फिर ड्यूटी के दौरान धार्मिक झुकाव और नियमों की अनदेखी वाला यह वीडियो सामने आने के बाद विभाग की काफी किरकिरी हो रही है।

विभाग ने शुरू की जांच: SSP की नजर में पूरा मामला
वीडियो के वायरल होते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को संज्ञान में ले लिया है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर यह जांच की जा रही है कि यह वीडियो कब का है और उस समय टीआई किन आधिकारिक निर्देशों के तहत वहां मौजूद थे। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और अगर वीडियो की पुष्टि हो जाती है, तो नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना अब पुलिस महकमे में एक नई बहस छेड़ चुकी है कि क्या ड्यूटी के समय व्यक्तिगत आस्था को सरकारी मर्यादाओं से ऊपर रखा जा सकता है।



