
रायपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अब आईटीएमएस कैमरों के जरिए ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। ये चालान वाहन मालिकों के पते पर भेजे जाते हैं। समय पर भुगतान नहीं होने पर मामला कोर्ट में भेज दिया जाता है। ऐसे ही लंबित मामलों के निपटारे के लिए अब लोक अदालत के जरिए राहत दी जा रही है। यह पहल पुलिस उपायुक्त यातायात आईपीएस विकास कुमार ने की है, ताकि लोग अपने पुराने मामलों को आसानी से सुलझा सकें।
14 मार्च को लगेगी लोक अदालत
कोर्ट में ट्रांसफर हो चुके और अब तक जमा न किए गए ई-चालानों का निपटारा 14 मार्च को आयोजित लोक अदालत में किया जाएगा। जिन वाहन मालिकों के चालान 15 अक्टूबर 2025 से पहले के हैं, वे इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए 10 मार्च 2026 तक नजदीकी यातायात थाने में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन के मामला लोक अदालत में पेश नहीं होगा।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो हो सकती है जब्ती
यातायात पुलिस ने साफ किया है कि लोक अदालत के बाद भी यदि चालान लंबित रहता है तो संबंधित वाहन को जब्त कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन से जुड़े काम भी अटक सकते हैं। इसलिए जिन लोगों के ई-चालान बकाया हैं, उन्हें समय रहते कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।
मोबाइल कॉल और व्हाट्सऐप से दी जाएगी सूचना
लंबित चालान वाले वाहन मालिकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर कॉल कर जानकारी दी जाएगी। साथ ही नोटिस की प्रति व्हाट्सऐप के जरिए भी भेजी जाएगी। पुलिस का कहना है कि लोगों को पर्याप्त सूचना दी जा रही है ताकि वे लोक अदालत में पहुंचकर जुर्माना जमा कर सकें और आगे की परेशानी से बच सकें।
इन 9 यातायात थानों में होगा रजिस्ट्रेशन
लोक अदालत में प्रकरण रखने के लिए शहर के नौ यातायात थानों में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इनमें तेलीबांधा, भाठागांव बस स्टैंड, शारदा चौक, फाफाडीह, भनपुरी, टाटीबंध, पंडरी, पचपेड़ीनाका और यातायात मुख्यालय कालीबाड़ी शामिल हैं। संबंधित क्षेत्र के वाहन मालिक अपने नजदीकी थाने में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
मालवीय, जीई और केके रोड बने नो-वेंडिंग और नो-पार्किंग जोन
इधर शहर के मालवीय रोड, जीई रोड और केके रोड को प्रशासन ने नो-वेंडिंग और नो-पार्किंग जोन घोषित किया है। इस फैसले के बाद व्यापारियों ने प्रशासन का आभार जताया है और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। प्रशासन का कहना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और आम लोगों को आवाजाही में राहत मिलेगी।
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