
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब पात्र छात्र 15 जनवरी 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। पहले इसकी समय सीमा कम थी, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन अधूरे होने और पोर्टल संबंधी जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। छात्र छात्रवृत्ति पोर्टल (postmatric-scholarship.cg.nic.in) पर जाकर नए सिरे से या पुराने आवेदन का नवीनीकरण कर सकते हैं।
इन कोर्सेज के छात्रों को मिलेगा लाभ: जिले के सभी कॉलेजों पर लागू
इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ रायपुर जिले समेत पूरे प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र उठा सकते हैं। इसमें सामान्य डिग्री कॉलेजों के अलावा इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उन प्रतिभावान युवाओं की मदद करना है, जो आर्थिक तंगी की वजह से अपनी उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़ देते हैं। इस स्कॉलरशिप से उन्हें अपनी फीस और पढ़ाई के अन्य खर्चों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलती है।
पात्रता के कड़े नियम: आय सीमा और दस्तावेजों का रखें ध्यान
छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। आवेदन करने वाले छात्र के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र और स्थायी जाति प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ ही पिछली परीक्षा में पास होना भी जरूरी है। आय सीमा की बात करें तो अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये सालाना निर्धारित की गई है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।
नई प्रक्रिया और बायोमेट्रिक अनिवार्य: संस्थानों के लिए भी निर्देश
सत्र 2025-26 से छात्रवृत्ति की प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब छात्रवृत्ति राशि का भुगतान सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में किया जाएगा। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों की जियो-टैगिंग करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराना होगा। साथ ही कॉलेजों के प्रमुखों और छात्रवृत्ति प्रभारियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी जरूरी कर दिया गया है ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।
संस्थानों की जवाबदेही: देरी हुई तो कॉलेज प्रमुख होंगे जिम्मेदार
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां अध्ययनरत पात्र छात्रों का पंजीकरण समय पर सुनिश्चित कराएं। 15 जनवरी के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि कोई छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पाता है या तकनीकी वजहों से वंचित रह जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज प्रबंधन की होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने सभी दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द ऑनलाइन फॉर्म भर दें।
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