बस्तर पंडुम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: आज जगदलपुर से करेंगी महोत्सव का आगाज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर पहुंच रही हैं। वे सुबह 9:10 बजे भुवनेश्वर से रवाना होंगी और 10:30 बजे जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगी। इसके बाद वे सीधे लालबाग मैदान जाएंगी, जहां बस्तर संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ का भव्य शुभारंभ करेंगी। राष्ट्रपति दोपहर 1:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। उनके आगमन को लेकर बस्तर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं और पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

आदिवासी कला और शिल्प का होगा संगम

महोत्सव स्थल पर राष्ट्रपति मुर्मू विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगी। वे बस्तर की विश्व प्रसिद्ध काष्ठ कला, बेल मेटल और पारंपरिक हस्तशिल्प का अवलोकन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान वे स्थानीय जनजातीय कलाकारों और शिल्पकारों से सीधा संवाद भी करेंगी। बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच राष्ट्रपति का स्वागत किया जाएगा। इस दौरान मांझी और चलकी (जनजातीय समाज के प्रमुख) के साथ उनकी विशेष मुलाकात प्रस्तावित है, जो बस्तर की सामाजिक व्यवस्था का एक अहम हिस्सा हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा मंच

बस्तर पंडुम के औपचारिक उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगेगी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आदिवासी नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल की मौजूदगी में राष्ट्रपति उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ की जाएगी।

गृहमंत्री अमित शाह संभालेंगे समापन की कमान

राष्ट्रपति के दौरे के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। शाह 7 फरवरी की रात रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा समीक्षा करेंगे। इसके बाद 9 फरवरी को वे जगदलपुर जाकर बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एक तरफ जहां राष्ट्रपति के दौरे से बस्तर की सांस्कृतिक छवि मजबूत होगी, वहीं गृहमंत्री का दौरा सुरक्षा और नक्सल मोर्चे पर नई रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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