
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के मेघा गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है। मेघा चौक बैंक के पास नेपाली मोमोज खाने के बाद 18 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें 13 नाबालिग बच्चे और 5 अन्य व्यक्ति शामिल हैं। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मगरलोड में भर्ती कराया गया। यह घटना 29 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच चार दिनों में सामने आई है।

आसपास के 9 गांवों के लोग हुए प्रभावित
Food Poisoning: मेघा गांव में मोमोज खाने से सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के 9 गांवों के लोग बीमार पड़े हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी मगरलोड से मिली जानकारी के अनुसार, प्रभावित होने वालों में भैंसमुंडी, बेलरदोना, मगरलोड, मेघा, अरौद, गिरौद, खैरझिटी, भोथीडीह और जामली के निवासी शामिल हैं। सभी मरीजों के परिजनों ने मोमोज खाने को ही तबीयत खराब होने की मुख्य वजह बताया है।

मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी
खंड चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, बीमार हुए 18 लोगों में से अधिकांश मरीजों का उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, 3 दिसंबर को भी चार लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मगरलोड में भर्ती थे, जिनका इलाज जारी है। सीएमएचओ डॉ. यूएल कौशिक ने बताया कि ज्यादातर मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक हो चुका है और वे खतरे से बाहर हैं।

खाद्य विभाग ने मोमोज दुकान बंद कराई, सैंपल जांच के लिए भेजा
सामूहिक रूप से लोगों के बीमार पड़ने की घटना सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है। सीएमएचओ डॉ. यूएल कौशिक ने बताया कि खाद्य विभाग को जाँच के लिए भेजा गया था, जिसने मेघा चौक पर स्थित नेपाली मोमोज का सैंपल लेकर जाँच के लिए भेज दिया है। विभाग ने एहतियात के तौर पर दुकान को बंद करा दिया है।
जाँच के बाद पता चलेगी फूड प्वाइजनिंग की असली वजह
Focus of Inquiry: मोमोज खाने से इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की घटना फूड प्वाइजनिंग की ओर इशारा करती है। हालांकि, खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मोमोज में किस चीज की गड़बड़ी थी या क्या वह दूषित था। फिलहाल, प्रशासन लोगों से खुले में बिकने वाले खाद्य सामानों के प्रति सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।
Also Read: छठी कार्यक्रम में खाना खाने के बाद फूड प्वॉइज़निंग, 5 ग्रामीणों की मौत; स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप



