धर्मांतरित बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दुगली में तनाव, दफनाये गए शव को बाहर निकालने की मांग कर रहे ग्रामीण, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

धमतरी जिले के दुगली क्षेत्र स्थित गुहारनाला गांव में एक अंतिम संस्कार को लेकर सामाजिक तनाव की स्थिति बन गई। 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला तितरो बाई के निधन के बाद परिजनों ने ईसाई रीति-रिवाज से शव को दफन कर दिया था। जैसे ही गांव वालों को इसकी जानकारी मिली, विरोध शुरू हो गया। ग्रामीणों का तर्क था कि गांव की पारंपरिक मान्यताओं को दरकिनार कर यह प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे गांव की सांस्कृतिक मर्यादा प्रभावित हुई है।

8 साल पहले बदला था परिवार ने धर्म

मृतक महिला और उनके परिवार ने करीब आठ साल पहले ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। इसी आधार पर परिजनों ने 3 फरवरी को महिला के निधन के बाद शव को दफनाने का फैसला लिया। हालांकि, आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पैतृक परंपराओं को छोड़कर दूसरी पद्धति अपनाना गांव के सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने दफनाए गए शव को बाहर निकालने की मांग शुरू कर दी।

प्रशासन की मौजूदगी में गांव में हुई बैठक

शव को बाहर निकालने की मांग और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए गांव में तनाव काफी बढ़ गया था। स्थिति को बिगड़ता देख दुगली थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में दोनों पक्षों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि कानून को हाथ में न लें, वहीं पीड़ित परिवार से भी उनकी आपत्तियों पर चर्चा की गई।

परिवार की ‘घर वापसी’ पर बनी सहमति

प्रशासनिक हस्तक्षेप और लंबी बातचीत के बाद विवाद का एक अप्रत्याशित हल निकला। मृतका के पूरे परिवार ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म में वापस लौटने (घर वापसी) पर अपनी सहमति दे दी। परिवार के इस फैसले का ग्रामीणों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। धर्म वापसी की घोषणा के बाद ग्रामीण अपनी उस मांग से पीछे हट गए जिसमें वे शव को कब्र से बाहर निकालने पर अड़े थे।

पंचनामा के बाद गांव में स्थिति सामान्य

मामले के सुलझने के बाद प्रशासन ने मौके पर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। समाज और परिवार के बीच हुए इस समझौते के बाद अब गांव में शांति बहाल हो गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम एहतियात के तौर पर नजर बनाए हुए है ताकि दोबारा कोई विवाद न हो। फिलहाल गुहारनाला में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ग्रामीण अपने नियमित कार्यों में लौट आए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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