
Rajim Mela 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में आज से धर्म और आस्था का सबसे बड़ा संगम शुरू होने जा रहा है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर 1 फरवरी से शुरू हो रहे ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत कई स्थानीय विधायक शामिल होंगे। इस बार मेले का आयोजन चौबेबांधा के नए मेला स्थल पर किया जा रहा है, जहां देशभर से आए प्रतिष्ठित साधु-संतों का दिव्य समागम देखने को मिलेगा।
त्रिवेणी संगम पर महाआरती और शाही स्नान
कुंभ की शुरुआत रविवार शाम 6:30 बजे महानदी के तट पर होने वाली भव्य महाआरती से होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट को करीब 120 मीटर लंबा बनाया है, जबकि साधु-संतों के शाही स्नान के लिए 100 मीटर लंबा विशेष घाट तैयार किया गया है। त्रिवेणी संगम पर अलग-अलग अस्थाई कुंड बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के डुबकी लगा सकें। लक्ष्मण झूला के पास दुकानदारों के लिए अस्थाई सड़कें भी बनाई गई हैं ताकि मेले की रौनक बनी रहे।
श्रद्धालुओं के लिए दो स्पेशल ट्रेनें शुरू
मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने दो नई स्पेशल मेमू ट्रेनों का संचालन आज से शुरू कर दिया है। ये ट्रेनें 15 फरवरी तक रोजाना चलेंगी, जो रायपुर से राजिम के बीच मंदिर हसौद, अभनपुर और मानिकचौरी जैसे स्टेशनों पर रुकेंगी। पहली ट्रेन सुबह 11:55 बजे और दूसरी दोपहर 2:30 बजे रायपुर से रवाना होगी। इस रेल सेवा से सड़क मार्ग पर पड़ने वाले ट्रैफिक के दबाव को कम करने और श्रद्धालुओं को किफायती सफर देने में बड़ी मदद मिलेगी।
| गाड़ी संख्या | प्रस्थान (रायपुर) | आगमन (राजिम) | प्रमुख स्टॉपेज |
| 08755 | 11:55 AM | 01:20 PM | मंदिर हसौद, अभनपुर |
| 08757 | 02:30 PM | 04:00 PM | सीबीडी, केंद्री, मानिकचौरी |
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पंडोखर सरकार का दरबार
कुंभ के दौरान प्रतिदिन शाम को मुख्य मंच पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे, वहीं रात 7 बजे से बड़े कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। इस साल विशेष आकर्षण के तौर पर 9 से 11 फरवरी तक पंडोखर सरकार (गुरुशरण महाराज) का दिव्य दरबार सजेगा। यह सत्संग प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा, जिसमें भारी संख्या में भक्तों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
संतों का दिव्य समागम और शाही व्यवस्था
राजिम के इस पावन तट पर दंडी स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ, बालयोगेश्वर बालक दास और महंत रामसुंदर दास समेत दर्जनों प्रसिद्ध संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे। ब्रह्मकुमारी संस्थान की ओर से भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने साधु-संतों के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त कुटिया और पंडालों का निर्माण कराया है। मेले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और महानदी में जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग से भी समन्वय बनाया गया है।
महाशिवरात्रि तक चलेगा भक्ति का सफर
15 दिनों तक चलने वाला यह कुंभ कल्प 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन शाही स्नान के साथ संपन्न होगा। माघ पूर्णिमा से शुरू हुआ यह भक्तिमय आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से अहम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को भी वैश्विक मंच प्रदान करता है। सरकार ने इस बार मेले में स्वच्छता और ई-रिक्शा जैसी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की तकलीफ न हो।



