
CG Bribery News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और हल्का पटवारी धर्मेंद्र कांडे को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। किसान की शिकायत पर बिछाए गए इस जाल ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
किसान से मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
ACB Action: ग्राम डोकराभांठा निवासी किसान भागचंद कुर्रे अपने जमीन से जुड़े पर्चा और फौती उठाने के काम के लिए कई दिनों से पटवारी धर्मेंद्र कांडे से संपर्क कर रहा था। आरोप है कि पटवारी ने पहले 10 हजार रुपये की मांग की, लेकिन किसान की स्थिति को देखते हुए सौदा 9 हजार रुपये में तय किया। किसान ने साहस दिखाते हुए इसकी शिकायत सीधे एसीबी से कर दी।
कलेक्टर कार्यालय से दबोचा गया पटवारी
पूर्व योजना के तहत बुधवार को किसान ने पटवारी को 9 हजार रुपये उसके अस्थायी कार्यालय में दिए। इसके बाद धर्मेंद्र कांडे एक बैठक में शामिल होने कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। तभी एसीबी की टीम ने दबिश देकर गुलाबी नोटों सहित उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने रिश्वत लेने की बात कबूल कर ली।
जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डीएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत जाल बिछाया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई है।

पटवारी संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी से हड़कंप
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मेंद्र कांडे जिला पटवारी संघ का अध्यक्ष है। यानी संगठन का मुखिया ही भ्रष्टाचार में पकड़ा गया। खबर फैलते ही शहर में चर्चा तेज हो गई और कई पटवारियों ने उसके समर्थन में नारेबाजी भी की।
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का संकेत
एसीबी ने साफ किया है कि इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। प्रशासनिक हलकों का मानना है कि खैरागढ़ की यह कार्रवाई बाकी भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के लिए बड़ा सबक साबित होगी।



