धुआं उड़ाना अब होगा और भी महंगा: इस तारीख से बढ़ जाएंगे सिगरेट के दाम, सरकार ने नई एक्साइज ड्यूटी को दी मंजूरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ समेत देशभर के सिगरेट शौकीनों के लिए खबर थोड़ी कड़वी है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमतों में भारी उछाल आने वाला है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले टैक्स के नियमों में बदलाव करते हुए नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आदेश के अनुसार, अब सिगरेट की लंबाई के आधार पर टैक्स वसूला जाएगा। यह नई ड्यूटी 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये प्रति हजार स्टिक तक तय की गई है। सरकार के इस कदम का सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा और दुकानों पर मिलने वाली सिगरेट के खुदरा दाम बढ़ जाएंगे।

लंबाई के आधार पर तय होगा टैक्स: जानिए कितनी महंगी हो सकती है आपकी सिगरेट

नई टैक्स व्यवस्था में सिगरेट की साइज काफी मायने रखेगी। जितनी लंबी सिगरेट होगी, उस पर एक्साइज ड्यूटी उतनी ही ज्यादा लगेगी। सरकार ने इसे अलग-अलग स्लैब में बांटा है। यह नया टैक्स मौजूदा 40 प्रतिशत जीएसटी (GST) के ऊपर से लगाया जाएगा। वर्तमान में भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स करीब 53 प्रतिशत के आसपास बैठता है। हालांकि, यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 75 प्रतिशत वाले मानक से अब भी कम है, लेकिन इस ताजा बढ़ोतरी के बाद कीमतों में अच्छा-खासा अंतर देखने को मिलेगा।

दिसंबर में पास हुआ था नया कानून: अस्थायी लेवी की जगह अब लगेगा स्थायी टैक्स

सिगरेट के दामों में यह बढ़ोतरी हाल ही में पारित हुए सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 का नतीजा है। दिसंबर 2024 में सरकार ने इस बिल को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली अस्थायी लेवी को खत्म कर एक स्थायी टैक्स सिस्टम बनाना था। 1 फरवरी से लागू होने वाली एक्साइज ड्यूटी इसी नए कानून का हिस्सा है। सरकार ने इस नीति के जरिए टैक्स वसूली की प्रक्रिया को और अधिक सरल और कड़ा बनाने की कोशिश की है।

WHO के मानकों के करीब पहुंचने की कोशिश: तंबाकू सेवन पर लगाम कसने की तैयारी

सरकार का तर्क है कि सिगरेट पर टैक्स बढ़ाना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार देशों पर दबाव बनाता रहा है कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर उनकी पहुंच आम लोगों से दूर की जाए। भारत सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि कीमतें बढ़ने से विशेषकर युवाओं और कम आय वाले वर्ग में सिगरेट पीने की लत पर लगाम लगेगी। तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों को कम करने के लिए टैक्स में वृद्धि को एक कारगर हथियार के रूप में देखा जा रहा है।

बाजार और कंपनियों पर भी दिखेगा असर: आईटीसी जैसे दिग्गजों के मुनाफे पर दबाव

इस फैसले का असर केवल पीने वालों पर ही नहीं, बल्कि सिगरेट बनाने वाली कंपनियों पर भी पड़ेगा। आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर और उनके मुनाफे पर दबाव बढ़ने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब भी टैक्स की वजह से दाम बढ़ते हैं, तो कुछ समय के लिए बिक्री में गिरावट आती है। कंपनियों को अब अपनी मार्केटिंग और वितरण रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। साथ ही, ऊंचे टैक्स के कारण अवैध या तस्करी वाली सिगरेट के बाजार में आने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिस पर सरकार को नजर रखनी होगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ: खपत घटाने के लिए सरकार का कड़ा फैसला

केंद्र सरकार की इस नई नीति का अंतिम लक्ष्य तंबाकू उत्पादों की खपत में भारी कमी लाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों के इलाज पर देश को हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। नई एक्साइज ड्यूटी से जो अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, उसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। कुल मिलाकर, 1 फरवरी से लागू होने वाली यह व्यवस्था न केवल राजकोष को मजबूती देगी, बल्कि देश को एक स्वस्थ समाज की ओर ले जाने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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