
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी पर एक योग शिक्षिका द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में अब एक बड़ा मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता महिला के परिवारजनों ने ही आगे आकर आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
परिजनों ने शिकायतकर्ता के व्यवहार पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता महिला की बड़ी बहन ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “हमारी छोटी बहन बचपन से ही ऐसा व्यवहार करती रही है। वह पहले भी हमारे पिता और मेरे पति (जीजा) को झूठे मामलों में फंसा चुकी है।” बहन ने यह भी बताया कि नाबालिग रहते हुए वह कई बार अलग-अलग लड़कों के साथ घर छोड़कर भाग चुकी थी।
परिवार का दावा: ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी में रही है शामिल
महिला के जीजा ने भी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि शिकायतकर्ता पहले भी धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि “वह अक्सर पारिवारिक विवादों में झूठे आरोप लगाकर पैसे की मांग करती थी। अब उसने एक ईमानदार पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया है।” परिजनों ने यह भी दावा किया है कि उनके पास महिला के पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज और बयान मौजूद हैं, जिन्हें वे जाँच एजेंसी के सामने पेश कर सकते हैं।
महिला का आरोप: 7 साल से शारीरिक और मानसिक शोषण
शिकायतकर्ता योग शिक्षिका ने 15 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप है कि आईपीएस डांगी पिछले सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं। महिला ने बताया कि उनकी मुलाकात 2017 में कोरबा में हुई थी और सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई थी।
बिलासपुर IG रहते बंगले पर बुलाने और धमकी का आरोप
महिला का आरोप है कि दंतेवाड़ा में पदस्थ रहने के दौरान वह वीडियो कॉल के जरिए उन्हें योग सिखाती थी, लेकिन बाद में राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद डांगी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। महिला का कहना है कि बिलासपुर आईजी रहते हुए डांगी उन्हें अपने बंगले पर बुलाते थे और मना करने पर ट्रांसफर की धमकी देते थे। महिला ने अपने दावों के पक्ष में डिजिटल सबूत होने की बात भी कही है।
आईपीएस डांगी ने आरोपों को बताया ब्लैकमेलिंग की साजिश
आईपीएस रतनलाल डांगी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि महिला उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रही है और यह पूरा मामला उन्हें बदनाम करने की एक साजिश है। डांगी ने बताया कि महिला ने जहर खाने की धमकी दी थी और उनसे वीडियो कॉल पर नजर रखने जैसी अजीब शर्तें भी रखी थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इनकार किया, तब महिला ने यह शिकायत दर्ज कराई।



