
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने राज्य के मुस्लिम धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों में देशभक्ति का जज्बा बढ़ाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि प्रदेश की मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों और इमामबाड़ों में 26 जनवरी और 15 अगस्त का उत्सव मनाने के लिए 5 से 7 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार, यह राशि तिरंगा फहराने, इमारतों की सजावट करने और राष्ट्रीय पर्व के मौके पर मिठाई बांटने जैसे खर्चों के लिए दी जा रही है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में अलग से फंड की व्यवस्था करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
देशभक्ति पर सियासत और वक्फ बोर्ड का कड़ा रुख
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इस फैसले के पीछे के सामाजिक पहलुओं पर भी खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सच्चे देशभक्त हैं, उन्हें तिरंगा फहराने या राष्ट्रगीत गाने में कभी कोई आपत्ति नहीं रही है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण समुदाय को मुख्यधारा से दूर रखने की कोशिश की जाती रही है। डॉ. राज ने जोर देकर कहा कि इस आर्थिक प्रोत्साहन का मकसद केवल राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना है। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से संस्थानों में राष्ट्रीय त्योहारों को और अधिक धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया जा सकेगा, जिससे समाज में एकता का संदेश जाएगा।



