
धमतरी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पिछले 5 वर्षों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि 99 लोगों ने किश्त की राशि डकारने के बाद भी मकान का निर्माण पूरा नहीं किया। हद तो तब हो गई जब 5 लोगों ने आवास के लिए मिली पहली किश्त जेब में डाली और वह जमीन ही बेच दी जिस पर घर बनना था। निगम ने सख्त चेतावनी दी है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों की संपत्ति अब कुर्क की जाएगी।
नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई रकम
निगम की जांच में सामने आया कि कोष्टापारा के ललित नामदेव और गोकुलपुर के ज्ञानेंद्र कुमार जैसे लोगों ने पहली किश्त के तौर पर 56,531 रुपये लिए और जमीन दूसरे के नाम कर दी। एक अन्य मामले में सदर उत्तर वार्ड का सोहन पटेल पैसे लेकर घर से ही गायब हो गया है। प्रशासन ने इन सभी को तीन बार नोटिस जारी किया था। कार्रवाई के डर से 3 लोगों ने 1.69 लाख रुपये जमा कर दिए हैं, लेकिन अभी भी कई लोग राशि दबाए बैठे हैं। अब इन डिफाल्टरों की सूची तैयार कर कुर्की की फाइल आगे बढ़ा दी गई है।
अधूरे मकानों पर निगम की पैनी नजर
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में फिलहाल 218 आवासों का निर्माण चल रहा है, जबकि 21 लोगों ने नींव के लिए 12.43 लाख रुपये लेने के बाद भी काम शुरू नहीं किया। सिटी लेवल टेक्निकल सेल ने साफ कर दिया है कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जो हितग्राही समय सीमा के भीतर राशि वापस नहीं करेंगे या निर्माण पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर पैसा वसूला जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से उन लोगों में हड़कंप है जिन्होंने पीएम आवास के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है।



