
Khairagarh News: छत्तीसगढ़ के नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खैरागढ़ थाना पुलिस द्वारा इत्तवारी बाजार एमसीपी प्वाइंट पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो वाहन से चार करोड़ चार लाख पचास हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई है। लगभग 18 लाख रुपये की कीमत वाली इस गाड़ी में सीटों के नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चैंबर में यह रकम छिपाई गई थी, जिसका कोई भी वैध दस्तावेज गाड़ी में सवार युवक नहीं दे पाए।
गुप्त खांचे से निकली करोड़ों की गड्डियां
दरअसल, खैरागढ़ थाना पुलिस अपनी नियमित चेकिंग ड्यूटी कर रही थी, जब उन्होंने एक स्कॉर्पियो को रोका। गाड़ी में बैठे दोनों युवकों का व्यवहार और बयान पुलिस टीम को संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान सीटों के नीचे एक गुप्त खांचा मिला। इस चैंबर को खोलने पर अंदर से 4,04,50,000 रुपये की नकदी बरामद हुई। पुलिसकर्मियों को गुप्त ठिकाने से करोड़ों की गड्डियाँ निकालते-निकालते काफी समय लग गया।
गुजरात के दोनों युवक नहीं दे पाए वैध जवाब
पकड़े गए दोनों युवकों की पहचान 36 वर्षीय पारस पटेल और 30 वर्षीय अक्षय पटेल के रूप में हुई है, जो क्रमशः वडोदरा और पाटन (गुजरात) के निवासी बताए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों युवक इस भारी-भरकम नकदी के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदिग्ध लेन-देन और बिना कागजात के इतनी बड़ी रकम मिलने के कारण पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग को इसकी सूचना दी।

BNSS की धारा 106 के तहत की गई कार्रवाई
पुलिस ने बिना किसी वैध दस्तावेज के मिली करोड़ों की नकदी को जब्त कर लिया है। नकदी बरामदगी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद BNSS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 106 के तहत करोड़ों रुपये की नगदी और करीब 18 लाख रुपये की कीमत वाले स्कॉर्पियो वाहन दोनों को कानूनी तौर पर जब्त कर लिया गया। मामले की जांच अब आयकर विभाग को सौंप दी गई है, जो इस अवैध नकदी के स्रोत और उद्देश्य का पता लगाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह पूरी घटना कुछ दिन पुरानी बताई गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सीटों के नीचे गुप्त चैंबर बनाकर करोड़ों की नकदी छिपाने के इस तरीके को देखकर हर कोई हैरान है। पुलिस को संदेह है कि यह मामला किसी बड़े संदिग्ध लेन-देन या अवैध कारोबार से जुड़ा हो सकता है, जिसकी गहन जांच आयकर विभाग द्वारा की जा रही है।
देखिये वीडियो-
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