
रायपुर के बहुचर्चित नव्या मलिक ड्रग्स मामले में पुलिस की चार्जशीट ने सबको चौंका दिया है। जांच में यह बात सामने आई है कि नव्या का मंगेतर अयान परवेज उससे रिश्ता खत्म करना चाहता था। मंगेतर ने ब्रेकअप करने के लिए एक खतरनाक रास्ता चुना और खुद ही पुलिस को फोन कर दिल्ली से आने वाले ड्रग्स पार्सल की टिप दे दी। गंज थाने में आई उसी एक अज्ञात कॉल ने पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने सूचना के आधार पर देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी की और आरोपियों को दबोच लिया।
27 ग्राम ड्रग्स और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का पर्दाफाश
पुलिस ने इस मामले में कुल 27.58 ग्राम एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स जब्त की है। चार्जशीट के अनुसार, नव्या ने दिल्ली से ड्रग्स मंगवाने के लिए मोनू बिश्नोई नाम के सप्लायर से संपर्क किया था और इसके लिए पैसे अयान परवेज से दिलवाए थे। पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया कि वे नव्या के जरिए ही एक-दूसरे से जुड़े थे। ड्रग्स को छोटे पैकेटों में भरकर रायपुर की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में खपाने की तैयारी थी। हालांकि, चार्जशीट में उन बड़े नामों का जिक्र नहीं है जिनकी चर्चा गिरफ्तारी के वक्त जोरों पर थी।

चार्जशीट में शामिल मुख्य आरोपी और जब्तियां
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया है। दिल्ली से रायपुर तक फैले इस ड्रग्स रूट की पूरी चेन का विवरण इस प्रकार है:
- मुख्य आरोपी: नव्या मलिक और उसका मंगेतर अयान परवेज।
- सप्लायर और साथी: मोनू बिश्नोई, हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया।
- जब्त सामग्री: 27.58 ग्राम सिंथेटिक ड्रग MDMA।
- सप्लाई रूट: दिल्ली से पार्सल के जरिए रायपुर पहुंचाई गई खेप।
- रहस्यमयी किरदार: ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ नाम के एक शख्स का बार-बार जिक्र, जिसकी पहचान अभी गुप्त है।
कोर्ट में जल्द शुरू होगा ट्रायल, गवाहों पर टिकी नजर
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब रायपुर कोर्ट में जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। इस दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ जैसे रहस्यमयी किरदारों की हकीकत सामने आ सकती है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत यह एक बेहद गंभीर मामला है और पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त तकनीकी सबूत मौजूद हैं। फिलहाल सभी आरोपियों की नजरें अपनी जमानत याचिकाओं पर टिकी हैं, जिन पर आने वाले दिनों में सुनवाई होनी है।
क्या है MDMA और क्यों है यह खतरनाक?
एमडीएमए एक प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग है जिसे पार्टी ड्रग भी कहा जाता है। कानूनन इसे रखना या बेचना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इस केस की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- गिरफ्तारी की तारीख: पिछले साल 23 और 30 अगस्त को हुई थी धरपकड़।
- सिस्टम की भूमिका: पुलिस सूचना तंत्र और अज्ञात कॉल ने इस केस को खोला।
- आगे की संभावना: ट्रायल के दौरान नए रसूखदार लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
- पलायन का खतरा: आरोपियों के विदेश भागने या सबूत मिटाने की आशंका पर पुलिस सतर्क है।
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