एम्बुलेंस से हो रही थी 2.60 करोड़ के गांजे की तस्करी, रायपुर पुलिस ने तोड़ी ओडिशा-महाराष्ट्र की सप्लाई चेन

रायपुर रेंज पुलिस और महासमुंद पुलिस की संयुक्त टीम ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत पुलिस ने एक एम्बुलेंस की तलाशी ली, जिसमें मरीज के बजाय 520 किलो अवैध गांजा भरा हुआ था। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एम्बुलेंस का सहारा लिया था ताकि वे ओडिशा से महाराष्ट्र के पुणे तक बेखौफ जा सकें। जब्त गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है।

गिरोह के मुख्य सरगना सहित 9 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने केवल नशा पकड़ा ही नहीं, बल्कि ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ दिया है। इस कार्रवाई में कुल 9 आरोपियों को दबोचा गया है। इनमें गांजा सप्लाई करने वाले सप्लायर से लेकर थोक खरीदार और ट्रांसपोर्ट मैनेज करने वाले अपराधी शामिल हैं। पुलिस ने कोमाखान क्षेत्र में घेराबंदी कर इस पूरी सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार लोगों में पुणे का बड़ा गांजा व्यापारी और उसके दोनों बेटे भी शामिल हैं, जो घर से ही इस अवैध व्यापार को संचालित कर रहे थे।

सोशल मीडिया का ‘सर्पमित्र’ निकला तस्करी का मास्टरमाइंड

तस्करी के इस खेल में एक चौंकाने वाला नाम ‘सर्पमित्र’ आकाश जाधव का सामने आया है। आकाश सोशल मीडिया पर वन्यजीव प्रेमी के रूप में सक्रिय था और उसके लाखों फॉलोअर्स हैं। लेकिन पर्दे के पीछे वह गांजा तस्करी का मुख्य सरगना निकला। जांच में पता चला कि उसने पिछले एक साल में एम्बुलेंस के जरिए छह से ज्यादा बार गांजे की खेप महाराष्ट्र पहुंचाई है। पुलिस ने उसकी करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान की है, जिसे जब्त करने की तैयारी चल रही है।

जब्त होगी 5.5 करोड़ की काली संपत्ति

पुलिस केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं रुकी, बल्कि उनकी अवैध कमाई पर भी प्रहार कर रही है। आरोपियों द्वारा नशे के कारोबार से बनाई गई करोड़ों की चल-अचल संपत्ति को साफेमा (SAFEMA) कानून के तहत कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्य खरीदार रामदास सोनवाने की 4 करोड़ और आकाश जाधव की 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति पर पुलिस ने अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। इस कार्रवाई से नशे के सिंडिकेट की आर्थिक कमर टूटना तय माना जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल और भूमिका

पुलिस ने इस केस में एंड-टू-एंड ऑपरेशन चलाते हुए हर स्तर के अपराधी को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची और उनकी भूमिका कुछ इस प्रकार है:

  • मुख्य सप्लायर (ओडिशा): रंजन दुर्गा, जो कालाहांडी से गांजा इकट्ठा कर भेजता था।
  • परिवहन सरगना: आकाश जाधव (महाराष्ट्र), जिसने एम्बुलेंस के जरिए गांजा भेजने का प्लान बनाया।
  • थोक खरीदार: रामदास चंदू सोनवाने और उसके दो बेटे (पुणे), जो गांजे को महाराष्ट्र में खपाते थे।
  • परिवहनकर्ता: सागर बाघ, संजीव अहिरे, सुशील दाभाडे और आदित्य पाखरे, जो एम्बुलेंस में गांजा लेकर जा रहे थे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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