
Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अगली बैठक 14 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। यह महत्वपूर्ण बैठक दोपहर 12 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में होगी। इस कैबिनेट मीटिंग में राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है। इससे पहले 10 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें अहम निर्णय लिए गए थे।
किसानों से 3100 रुपये/क्विंटल पर होगी धान खरीदी
कैबिनेट की पिछली बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया था। राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से 15 नवंबर 2025 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी। यह खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक होगी। सरकार ने धान खरीदी में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए किसानों को 6 से 7 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।
पारदर्शिता के लिए टोकन और ई-केवाईसी अनिवार्य
धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। किसानों को सोसायटियों में लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत किसान अपनी सुविधा के अनुसार धान बेचने के लिए टोकन काट सकेंगे। इसके अलावा, सही पहचान सुनिश्चित करने और दोहराव रोकने के लिए इस वर्ष ई-केवाईसी के माध्यम से किसान पंजीयन को अनिवार्य किया गया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और मॉनिटरिंग व्यवस्था
वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही, 20,000 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी के डेटा का ग्रामसभा में पठन-पाठन कराया जा रहा है। धान की रीसाइक्लिंग और व्यपवर्तन को रोकने के लिए, पहली बार मार्कफेड कार्यालय में इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, और जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक ढांचा मजबूत, केंद्र से 73 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
धान खरीदी को सुचारु बनाने और बेहतर प्रशासनिक ढांचा सुनिश्चित करने के लिए, कलेक्टरों को खरीदी केंद्रों में व्यवस्था के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्र प्रभारी बनाने का निर्देश दिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए विशेष चेकिंग दल भी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, खाद्य विभाग, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु केंद्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य दिया गया है।



