
नई दिल्ली: PM Dhan Dhanya Yojana: देश के किसानों के लिए आज (11 अक्टूबर) का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित पूसा संस्थान से कृषि क्षेत्र के लिए ₹42,000 करोड़ से अधिक की दो प्रमुख योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन योजनाओं के जरिए देश के कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रधानमंत्री आज जिन दो योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, वे हैं: ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भर योजना’।

दलहन में आत्मनिर्भरता का मेगा प्लान
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana 2025: केंद्र सरकार ने दालों के उत्पादन को लेकर एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि मंत्री ने बताया कि भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक होने के बावजूद अब भी पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है। इस चुनौती को खत्म करने के लिए ‘दलहन आत्मनिर्भर योजना’ शुरू की गई है।
- लक्ष्य: वर्ष 2030-31 तक भारत को दालों के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना।
- रकबा विस्तार: दलहन की खेती का क्षेत्रफल 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर किया जाएगा।
- उत्पादन लक्ष्य: दलहन का उत्पादन 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन तक पहुंचाने की योजना है।
- बीज और सब्सिडी: आईसीएआर (ICAR) द्वारा हाइब्रिड दलहन बीज विकसित किए जाएंगे। किसानों को रबी सीजन से ही निशुल्क बीज किट (88 लाख) और प्रमाणित बीज (126 लाख क्विंटल) बांटे जाएंगे। साथ ही, 1000 प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना पर 11,440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ क्या है?
‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। शुरुआती चरण में इसका लक्ष्य देश के 100 सबसे कम उत्पादक जिलों की तस्वीर बदलना है।
- महा-योजना: यह कोई नई योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘महा-योजना’ है, जिसका उद्देश्य पहले से चल रही योजनाओं को एक साथ जोड़कर उनकी ताकत को बढ़ाना है।
- समन्वय: इस स्कीम के तहत 11 अलग-अलग मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं को एक साथ जोड़ा जाएगा, जिससे किसान को सभी लाभों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- बजट और लाभ: इस योजना का सालाना बजट 24,000 करोड़ रुपये रखा गया है और यह अगले छह वर्षों तक चलेगी। अनुमान है कि इससे 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि उद्यमी और किसानों से सीधा संवाद
योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सफल (FPO), प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों और अन्य कृषि उद्यमियों से सीधा संवाद भी किया। इस पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के 731 विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों और मंडियों में किया गया, जिससे करीब सवा करोड़ किसान सीधे जुड़े।
पीएम मोदी ने इस अवसर पर डीप सी फिशिंग नीति की शुरुआत भी की, और पशुपालन, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 3,000 करोड़ रुपये की 56 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
प्रधानमंत्री ‘धन धान्य कृषि योजना’ के तहत लाभान्वित होने वाले 100 जिले
| क्रम | राज्य | जिले (कुल 100) |
| 1. | आंध्र प्रदेश | श्री सत्य साई, अनंतपुर (अनंतपुरम), अल्लूरी सीताराम राजू, अन्नामय्या |
| 2. | अरुणाचल प्रदेश | अंजाव |
| 3. | असम | श्रीभूमि (करीमगंज), चरैदेव, डिमा हासाओ |
| 4. | बिहार | मधुबनी, दरभंगा, बांका, गया, सिवान, किशनगंज, नवादा |
| 5. | छत्तीसगढ़ | दंतेवाड़ा, जशपुर, कोरबा |
| 6. | गोवा | दक्षिण गोवा |
| 7. | गुजरात | कच्छ, दाहोद / डोहाड, छोटा उदयपुर, पंच महल |
| 8. | हरियाणा | नूंह |
| 9. | हिमाचल प्रदेश | बिलासपुर |
| 10. | जम्मू और कश्मीर | किश्तवाड़, बारामुला |
| 11. | झारखंड | सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम |
| 12. | कर्नाटक | तुमकुरु, चित्रदुर्ग, कोप्पल, गडग, हावरी, चिक्काबल्लापुर |
| 13. | केरल | कोझिकोड, कसारगोड, कन्नूर |
| 14. | मध्य प्रदेश | अनुपुर, डिंडोरी, अलीराजपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, निवाड़ी, टीकमगढ़ |
| 15. | महाराष्ट्र | पालघर, यवतमाल, गढ़चिरौली, धुले, रायगढ़, चंद्रपुर, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), नांदेड़, बीड |
| 16. | मणिपुर | तमेंगलोंग |
| 17. | मेघालय | वेस्ट जैंतिया हिल्स |
| 18. | मिजोरम | मामित |
| 19. | नागालैंड | मों |
| 20. | ओड़िशा | कंधमाल, मलकानगिरी, सुंदरगढ़, नुआपाड़ा |
| 21. | पंजाब | फजिल्का |
| 22. | राजस्थान | बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चुरू, जालौर |
| 23. | सिक्किम | गेइजिंग (पूर्व में वेस्ट डिस्ट्रिक्ट) |
| 24. | तमिलनाडु | रामनाथपुरम, तूतुकुड़ी, शिवगंगा, विरुधुनगर |
| 25. | तेलंगाना | नारायणपेट, जोगुलांबा गडवाल, जंगोअन, नागरकुर्नूल |
| 26. | त्रिपुरा | उत्तर त्रिपुरा |
| 27. | उत्तर प्रदेश | महोबा, सोनभद्र, हमीरपुर, बांदा, जालौन, झांसी, उन्नाव, प्रयागराज, चित्रकूट, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, ललितपुर |
| 28. | उत्तराखंड | अल्मोड़ा, चमोली |
| 29. | पश्चिम बंगाल | पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, झारग्राम |



