
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने नवा रायपुर स्थित कार्यालय में एक अहम बैठक लेकर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में नगरीय प्रशासन और पंचायत विभाग के बड़े अधिकारी शामिल हुए। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन से जुड़ी सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं और जरूरी कागजी कार्रवाई तय समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि मतदान की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
नगरीय निकायों में खाली पदों का गणित
प्रदेश के विभिन्न शहरों और कस्बों में पार्षदों और अध्यक्षों के कई पद फिलहाल खाली हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नगरपालिका अध्यक्ष के 2 पद और पार्षदों के 15 पदों पर उपचुनाव होने हैं। इसके अलावा राज्य में हाल ही में गठित चार नई नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर और पलारी में भी चुनाव कराए जाने हैं। इन नई पंचायतों में अध्यक्ष के 4 और पार्षदों के कुल 60 पदों पर वोट डाले जाएंगे जिससे शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को नया नेतृत्व मिल सकेगा।
पंचायतों के 1043 पदों पर होगा मतदान
ग्रामीण इलाकों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पदों पर भी चुनाव की तैयारी है। वर्तमान में जनपद पंचायत सदस्य के 5 पद, सरपंच के 73 पद और पंच के 965 पदों पर निर्वाचन होना बाकी है। कुल मिलाकर पंचायत स्तर पर 1043 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन रिक्तियों के भरने से गांवों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय विवादों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
नए नगर निकायों में परिसीमन की प्रक्रिया तेज
राज्य सरकार द्वारा गठित नई नगर पंचायत तमनार और बड़ी करेली में चुनावी प्रक्रिया शुरू करने से पहले वार्डों का बंटवारा और आरक्षण तय किया जाना है। निर्वाचन आयुक्त ने रायगढ़ और धमतरी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वार्ड परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। इन प्रक्रियाओं की रिपोर्ट मिलते ही आयोग चुनाव की तारीखों का खाका तैयार करेगा ताकि इन नए निकायों में जल्द से जल्द चुनी हुई सरकार काम शुरू कर सके।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर खास जोर
चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अद्यतन मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। अजय सिंह ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा होते ही नई वोटर लिस्ट प्राप्त की जाए। स्थानीय निकायों के उपचुनावों के लिए इसी सूची के आधार पर वार्डवार मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने का काम समय पर पूरा करने को कहा गया है ताकि मतदान के दिन किसी तरह का विवाद न हो।
समयबद्ध कार्यवाही के लिए अधिकारियों को अल्टीमेटम
बैठक के दौरान निर्वाचन आयुक्त ने प्रशासनिक समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन और पंचायत विभाग के सचिवों को सख्त लहजे में कहा कि चुनाव एक समयबद्ध प्रक्रिया है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बिठाकर काम करने को कहा गया है ताकि आचार संहिता लगने से लेकर परिणाम आने तक पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।



