छत्तीसगढ़ में SIR के बाद वोटर लिस्ट से 27 लाख नाम हटने के बाद फिर बढ़ने लगी संख्या, 2.74 लाख लोगों ने दोबारा किया आवेदन

रायपुर: छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने राज्य की मतदाता सूची को पूरी तरह दोषमुक्त करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रोग्राम के तहत राज्य भर की वोटर लिस्ट से करीब 27 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद आयोग ने एक ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर उन लोगों से आवेदन मांगे थे जिनके नाम सूची से गायब हैं। राहत की बात यह है कि मतदाता अब जागरूक हो रहे हैं। अब तक प्रदेश भर से 2 लाख 74 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म भर दिया है। इन आवेदनों की बारीकी से जांच और स्क्रूटनी की जाएगी जिसके बाद छत्तीसगढ़ के मतदाताओं की कुल संख्या में एक बार फिर इजाफा देखने को मिलेगा।

वोटर लिस्ट का पूरा गणित: मृतकों और दोहरी प्रविष्टि वाले नामों पर चली आयोग की कैंची

निर्वाचन आयोग ने लगभग 45 दिनों तक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन का काम किया। इस दौरान हजारों बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने उन लोगों की पहचान की जो अब उस क्षेत्र में नहीं रहते या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। आयोग का लक्ष्य ऐसी लिस्ट तैयार करना है जिसमें केवल वास्तविक और पात्र मतदाता ही शामिल हों।

वोटर लिस्ट की वर्तमान स्थिति और बदलाव पर एक नजर:

विवरणसंख्या (लगभग)
कुल वर्तमान मतदाता (छत्तीसगढ़)2,12,30,737
वोटर लिस्ट से हटाए गए कुल नाम27,34,817
सूची से हटाए गए मृतकों की संख्या6,42,234
दोहरी प्रविष्टि (दो जगह नाम वाले)1,75,000
शिफ्ट या अनुपस्थित मतदाता19,13,540
नाम जुड़वाने हेतु आए नए आवेदन2,74,000+

दावा-आपत्ति के लिए बचा है कम समय: 22 जनवरी तक जमा कर सकते हैं फॉर्म, फरवरी में आएगी फाइनल लिस्ट

निर्वाचन आयोग ने उन नागरिकों को विशेष अवसर दिया है जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं। ऐसे लोग तय समय सीमा के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कटे हैं उन्हें नोटिस देकर दोबारा जुड़वाने की सुविधा दी जा रही है। दावे और आपत्तियां जमा करने का सिलसिला 23 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुका है जो 22 जनवरी 2026 तक चलेगा। इसके बाद 14 फरवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों का वेरिफिकेशन और सुनवाई की जाएगी। सब कुछ सही पाए जाने पर 21 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ की अंतिम और संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।

कलेक्टरों को पारदर्शिता के निर्देश, निर्वाचन आयोग ने की नाम जांचने की अपील

आयोग का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिया है कि दावा-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े। मतदाताओं से भी बार-बार अपील की जा रही है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ड्राफ्ट लिस्ट में अपना और अपने परिवार का नाम जरूर देख लें। आयोग का मानना है कि इस शुद्धिकरण के बाद जो नई लिस्ट आएगी वह पूरी तरह पारदर्शी होगी और इससे मतदान के प्रतिशत में भी सुधार होगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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