
छत्तीसगढ़ में अब उल्टा-सीधा खाने वालों और परोसने वालों दोनों के अच्छे दिन नहीं रहे। राज्य सरकार ने एक बार फिर से “बने खाबों, बने रहिबों” अभियान की शुरुआत की है, जो सिर्फ खानपान की गुणवत्ता नहीं, बल्कि साफ-सफाई और ईमानदारी की भी जांच कर रहा है। राज्य के सभी 33 जिलों में 4 अगस्त से 6 अगस्त 2025 तक चलने वाले इस विशेष अभियान में बड़े रेस्टोरेंट्स, होटल, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और मिठाई की दुकानों पर खाद्य विभाग की टीमें दबिश दे रही हैं। मकसद है – स्वच्छ, सुरक्षित और मिलावट रहित खाना जनता को मिले।
फोकस सिर्फ स्वाद पर नहीं, सफाई पर भी है जनाब!
अभियान की अगुवाई कर रहा है छत्तीसगढ़ का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA)। जगह-जगह मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए मौके पर ही खाने के नमूनों की जांच की जा रही है।
टीमें ये जांच रही हैं कि –
- कहीं बासी या सड़ा-गला खाना तो नहीं परोसा जा रहा,
- अखबारी कागज़ में समोसे या कचौड़ी तो नहीं लपेटे जा रहे,
- स्टाफ साफ कपड़े पहने हैं या नहीं,
- नाखून कटे हैं कि नहीं,
- सिर ढका हुआ है या खुले बालों से स्वाद बढ़ाया जा रहा है।
नियम तोड़ोगे, तो अब बचना मुश्किल
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्ती से कार्रवाई का आदेश है। यदि कोई खाद्य व्यवसायी तय मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे पहले चेतावनी और ज़रूरत पड़ने पर सीधी वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार की सीधी अपील जनता से भी है – गंदगी दिखे तो चुप मत बैठिए, सीधे विभाग को शिकायत दर्ज कराइए।
रेस्टोरेंट्स पर छापेमारी, मिठाई की दुकानों से लिए गए नमूने
इस मुहिम के तहत शंकर नगर स्थित प्रसिद्ध हल्दीराम रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग की टीम ने दबिश दी और मिठाइयों के सैंपल ज़ब्त किए। इससे पहले तेलीबांधा इलाके की स्वीट हट एंड बेकर्स नामक दुकान पर भी छापा पड़ा था, जहां से खाने-पीने की चीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
सरकार का संदेश साफ है – खाना सिर्फ स्वाद से नहीं, साफ-सफाई और सेहत से भी जुड़ा है
ये पूरा अभियान सिर्फ जांच और सजा देने के लिए नहीं, बल्कि जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए भी चलाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि लोग सिर्फ अच्छा खाना ही न खाएं, बल्कि साफ-सुथरा और सुरक्षित खाना खाने की आदत भी बनाएं। “बने खाबों, बने रहिबों” अब एक नारा नहीं, बल्कि एक आंदोलन बनता जा रहा है – जो खाने वाले और खिलाने वाले – दोनों को जिम्मेदार बना रहा है।



