
बिलासपुर: CG SECR Boxing Ring Sharab Party: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बॉक्सिंग रिंग में खेल अधिकारियों और कोचों द्वारा शराब और नॉन-वेज पार्टी आयोजित करने के गंभीर मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस घटना को ‘खेल परिसर का अनुचित उपयोग’ मानते हुए SECR के महाप्रबंधक (GM) से शपथ पत्र पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बॉक्सिंग रिंग में हुई ‘दारू-मुर्गा’ पार्टी
यह मामला तब सामने आया जब SECR जोन के बॉक्सिंग रिंग में खेल अधिकारियों, कोचों और कुछ खिलाड़ियों द्वारा कथित तौर पर एक जन्मदिन पार्टी मनाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन दृश्यों में खेल परिसर के अंदर शराब की बोतलें, गिलास और नॉन-वेज स्नैक्स दिखाई दिए।
अधिकारियों ने उड़ाई मर्यादा की धज्जियां
वायरल रिपोर्ट के अनुसार, SECR जोन के स्पोर्ट्स सेल प्रभारी और अन्य लोगों ने बॉक्सिंग मैट को ही टेबल की तरह इस्तेमाल किया और उस पर बीयर की बोतलें रखी गईं। इस दौरान पार्टी कई घंटों तक चली, जिससे खेल मैदान की पवित्रता और गरिमा का उल्लंघन हुआ। सोशल मीडिया पर इसे लेकर खेल प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर दिखाई सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने अवकाश के दिन भी सुनवाई की। कोर्ट ने इस घटना को जनहित याचिका (PIL) के रूप में स्वीकार किया। कोर्ट ने कहा कि खेल सुविधाओं का इस तरह से उपयोग न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि ‘खिलाड़ियों के सम्मान के खिलाफ’ भी है, और यह कृत्य अस्वीकार्य है।
महाप्रबंधक से शपथ पत्र पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश को सीधे आदेश दिया है। उन्हें अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र (Affidavit) के रूप में एक विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस रिपोर्ट में घटना की पूरी जांच का परिणाम, जिम्मेदार अधिकारियों के नाम और उनके खिलाफ की गई या प्रस्तावित कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल करना अनिवार्य है।
अनुशासन और गरिमा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने खेल परिसरों की सुरक्षा, अनुशासन और खेल प्रशासन की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों और आम जनता का मत है कि यदि खेल अधिकारी ही मैदानों को निजी पार्टी स्थल बना देंगे, तो खेल भावना और खिलाड़ियों की मेहनत का सम्मान कैसे बचेगा?
अगली सुनवाई की तारीख 31 अक्टूबर 2025
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर 2025 की तारीख तय की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि SECR प्रशासन की रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया जा सकता है।
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