राजिम कुंभ कल्प 2026: नागा साधुओं की शाही पेशवाई कल, राजसी ठाट-बाट के साथ निकलेंगे अखाड़े

Rajim Kumbha Kalpa 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में कुंभ कल्प की भव्यता बढ़ती जा रही है। कल सुबह 9 बजे कुंभ का सबसे मुख्य आकर्षण ‘शाही पेशवाई’ निकाली जाएगी। इसकी शुरुआत गरियाबंद रोड स्थित दत्तात्रेय मंदिर से होगी। साधु-संतों के टोलों के पहुंचने से त्रिवेणी संगम का पूरा इलाका आध्यात्मिक रंग में रंग गया है। इस आयोजन को देखने के लिए राज्य के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

नगर भ्रमण का मार्ग: इन रास्तों से गुजरेगा साधुओं का जत्था

Rajim Mela 2026: दत्तात्रेय मंदिर के सर्वराकार रामकुमार पुरी गोस्वामी के अनुसार, सबसे आगे भगवान दत्तात्रेय की पालकी चलेगी। इसके बाद नागा साधु अपने पारंपरिक अंदाज में आगे बढ़ेंगे। यह शाही यात्रा महामाया चौक, गोवर्धन चौक और गायत्री मंदिर से होते हुए वीआईपी रोड के रास्ते लोमश ऋषि आश्रम पहुंचेगी। पूरे रास्ते में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आम जनता बिना किसी परेशानी के संतों के दर्शन कर सके।

शस्त्र प्रदर्शन और शौर्य: अखाड़ों की सैन्य परंपरा का दिखेगा जलवा

पेशवाई के दौरान नागा साधु अपने अखाड़ों की ध्वजा थामे घोड़ों और रथों पर सवार नजर आएंगे। इस यात्रा की सबसे खास बात साधुओं द्वारा किया जाने वाला पारंपरिक शस्त्र प्रदर्शन है। तलवारों और भालों के साथ संतों का यह सैन्य रूप दर्शकों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं होता। यह न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि अखाड़ों की सदियों पुरानी परंपरा और अनुशासन का प्रदर्शन भी है।

भक्तों की तैयारी: पुष्प वर्षा के साथ होगा भव्य अभिनंदन

राजिम के नागरिकों ने संतों के स्वागत के लिए खास तैयारियां की हैं। पेशवाई के पूरे मार्ग पर फूलों की वर्षा की जाएगी और जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। मान्यता है कि पेशवाई के साथ ही कुंभ के मुख्य अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं। प्रशासन ने दत्तात्रेय मंदिर परिसर में साधुओं के ठहरने के लिए विशेष टेंट और बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम किया है ताकि भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।

धार्मिक अनुष्ठानों में आएगी तेजी: महाशिवरात्रि तक मचेगी धूम

शाही पेशवाई के संपन्न होते ही कुंभ क्षेत्र में संतों के प्रवचन और विशेष पूजा-पाठ का सिलसिला तेज हो जाएगा। संगम तट पर बने विभिन्न अखाड़ों में अब शाही स्नान की तैयारियां शुरू होंगी। यह मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा, जिसमें आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों से भी बड़े संतों और अखाड़ों के पहुंचने की संभावना है। पेशवाई के बाद से राजिम में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है।

Also Read: Godaan Movie Trailer: गौ माता पर पहली फिल्म ‘गोदान’ का ट्रेलर रिलीज: सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने का ऐलान

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button