
Amit Shah CG Tour Program: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 और 23 जून को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। दो दिन के इस दौरे में वो रायपुर से लेकर नारायणपुर तक कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनका यह विज़िट सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि इसमें सुरक्षा, विज्ञान, ग्रामीण संवाद और देशहित से जुड़ी परियोजनाओं का गहरा कनेक्शन है।
22 जून 2025: रायपुर में फोकस रहेगा सुरक्षा और फॉरेंसिक साइंस पर
नवा रायपुर में NFSU का शिलान्यास
🔹 समय: दोपहर 2:00 बजे
🔹 स्थान: सेक्टर-2, नवा रायपुर
Amit Shah Minute to Minute Program: अमित शाह सबसे पहले नवा रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के कैंपस का शिलान्यास करेंगे। यह यूनिवर्सिटी अपराध जांच में वैज्ञानिक सटीकता लाने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। भविष्य में यहां से निकलने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स न्याय प्रणाली को मजबूत करेंगे।
DG स्तर की हाई प्रोफाइल सुरक्षा मीटिंग
🔹 समय: दोपहर 3:45 बजे
🔹 स्थान: होटल मेफेयर, नवा रायपुर
इसके बाद गृह मंत्री शाह छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के DGP और ADGP रैंक के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में सीमावर्ती राज्यों के बीच तालमेल, इंटेलिजेंस साझा करना और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
नक्सलवाद पर विशेष समीक्षा बैठक
🔹 समय: शाम 6:15 बजे
🔹 स्थान: होटल मेफेयर, नवा रायपुर
शाम को होने वाली बैठक पूरी तरह से वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सलवाद पर केंद्रित रहेगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी स्थिति, सुरक्षा बलों की रणनीति और आगे की प्लानिंग पर गहन समीक्षा की जाएगी।
23 जून 2025: नारायणपुर में ‘ग्राउंड रियलिटी’ का जायज़ा
अबूझमाड़ के ग्रामीणों से सीधी बात
🔹 समय: दोपहर 12:00 बजे
🔹 स्थान: अबूझमाड़, नारायणपुर
अमित शाह दूसरे दिन सीधे पहुंचेंगे छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र अबूझमाड़, जहां वो ग्रामीणों से सीधे संवाद करेंगे। यह बातचीत सरकार की जनसुनवाई नीति और विकास योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है।
BSF जवानों से मुलाकात
🔹 समय: दोपहर 1:15 बजे
🔹 स्थान: बीएसएफ कैंप, इरकभट्टी, नारायणपुर
नारायणपुर दौरे के दौरान गृह मंत्री BSF कैंप भी जाएंगे, जहां वो सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मिलकर उनके जज़्बे को सलाम करेंगे। इस दौरान जवानों की समस्याएं और ज़मीनी चुनौतियों पर भी बातचीत होगी।
अमित शाह का यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी है। एक ओर जहां वो अपराध नियंत्रण के लिए साइंटिफिक टूल्स की नींव रखेंगे, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर जाकर जनसंवाद और सुरक्षा समीक्षा के ज़रिए विकास की नई राह तैयार करने की कोशिश करेंगे।



