Jabarra Eco Tourism: धमतरी का जबर्रा: ईको टूरिज्म का अनोखा मॉडल, देश-विदेश से खिंचे चले आते हैं सैलानी

Jabarra Eco Tourism: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का एक छोटा-सा गांव जबर्रा, आज देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। शांत जंगलों के बीच बसे इस गांव को जिला प्रशासन ने ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया है। यहां न सिर्फ ट्रेकिंग और नेचर वॉक का मजा है, बल्कि आदिवासी संस्कृति, वनौषधियों की जानकारी और प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिताने का मौका भी है।

प्रकृति के बीच रोमांच का अनुभव

Jabrra Village Dugli: जबर्रा गांव दुगली से 13 किलोमीटर और धमतरी से लगभग 64 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां का सफर शुरू होते ही पर्यटक घने जंगलों, कलकल बहती नदियों और पहाड़ियों के नजारों में खो जाते हैं। गांव के आसपास फैले 5,352 हेक्टेयर जंगल में 300 से अधिक प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं। यही नहीं, ट्रेकिंग, पहाड़ों की सैर, और जंगल की पगडंडियों पर चलते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस किया जा सकता है।

“जबर्रा हिलर्स”: युवाओं की पहल, पर्यटन को नई दिशा

Dhamtari Jabarra Hillers: यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गांव के 20 युवाओं को प्रशिक्षित कर एक समूह बनाया गया है, जिसे “जबर्रा हिलर्स” के नाम से जाना जाता है। ये युवा पर्यटकों के लिए गाइड, खानपान, और आवास की व्यवस्था करते हैं। वे न केवल गांव की संस्कृति से रूबरू कराते हैं, बल्कि उन्हें स्थानीय औषधियों और पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी भी देते हैं। इससे इन युवाओं को आजीविका का नया जरिया मिला है और गांव की अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।

विश्वभर से आ रहे पर्यटक, संस्कृति और सादगी से हो रहे प्रभावित

Jabarra Natural Beauty: जबर्रा की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि ने न केवल देश के शहरों से, बल्कि नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, पोलैंड, लंदन और श्रीलंका जैसे देशों से भी पर्यटकों को आकर्षित किया है। यहां के आदिवासी व्यंजन, लोक कला, और पारंपरिक जीवनशैली उन लोगों को विशेष रूप से लुभाती है जो भीड़-भाड़ से दूर शांति और मौलिकता की तलाश में होते हैं।

होम स्टे की बेहतरीन व्यवस्था

Jabarra Home Stay: देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण के बीच पर्यटकों के ठहरने के लिए होम स्टे की बेहतरीन व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें ग्रामीण जीवनशैली का सजीव अनुभव मिलता है। स्थानीय लोगों द्वारा संचालित ये होम स्टे न केवल मेहमाननवाजी में उत्कृष्ट हैं, बल्कि सतत विकास और स्वरोजगार का भी सशक्त माध्यम बन चुके हैं।

पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार का नया मॉडल

Dhamtari Tourism: ईको टूरिज्म सिर्फ प्रकृति से जुड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि यह एक ऐसा सतत विकास मॉडल है जो गांव के लोगों को रोजगार, पहचान और आत्मनिर्भरता देता है। 2020 में शुरू हुई यह पहल अब जबर्रा को छत्तीसगढ़ का एक आदर्श इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बना रही है।

तो अगली बार जब प्रकृति के करीब जाने का मन हो, ट्रेकिंग और शांत जंगलों की तलाश हो, तो जबर्रा जरूर जाएं — जहां हर मोड़ पर मिलेगा आपको प्रकृति, संस्कृति और आत्मीयता का अद्भुत संगम।

कैसे पहुंचे जबर्रा: How to reach Jabarra

सड़क मार्ग से: धमतरी से 64 किमी और दुगली से 13 किमी

हवाई मार्ग से: निकटतम एयरपोर्ट रायपुर (धमतरी से 75 किमी), टैक्सी उपलब्ध

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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