
CG Principal Promotion Case: छत्तीसगढ़ में प्राचार्य पद पर पदोन्नति को लेकर चल रही खींचतान पर आखिरकार हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सरकार की तरफ से बनाए गए नियमों और मापदंडों को वैध ठहराते हुए आधा दर्जन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यानी सरकार की प्रमोशन प्रक्रिया अब हरी झंडी पा चुकी है।
डिवीजन बेंच ने खारिज की याचिकाएं
1475 Teachers Promotion News: यह सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में हुई, जिसमें जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए.के. प्रसाद शामिल थे। दोनों जजों ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह साफ कर दिया कि राज्य सरकार की तरफ से बनाई गई प्रमोशन पॉलिसी में कोई गड़बड़ी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सरकार का मापदंड पूरी तरह से तर्कसंगत और वैधानिक है।
डिवीजन बेंच ने यह फैसला 17 जून को सुरक्षित रखा था, जिसे 4 अगस्त को सार्वजनिक किया गया।
फिर भी रुकी हुई है पोस्टिंग की प्रक्रिया
High Court Decision: हालांकि डिवीजन बेंच ने साफ फैसला सुना दिया है, लेकिन 1475 शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पोस्टिंग मिलने की प्रक्रिया फिलहाल पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है। वजह है एक और लंबित याचिका, जो रिटायर्ड शिक्षक नारायण प्रकाश तिवारी की ओर से दायर की गई है।
उनकी याचिका हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लगी हुई है, जहां पिछले पांच दिनों से लगातार बहस चल रही है। इस याचिका पर फैसला आने के बाद ही पोस्टिंग आदेश जारी किए जा सकेंगे।
नारायण तिवारी की याचिका बनी रोड़ा
High Court Verdict on Teacher Promotion: नारायण तिवारी जब याचिका लेकर कोर्ट पहुंचे थे, तब वे सेवा में थे। लेकिन डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान ही उनका रिटायरमेंट हो गया। उनकी याचिका अब जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में है। सोमवार, 4 अगस्त को राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत सिंह ठाकुर ने कोर्ट में पक्ष रखा, जबकि याचिका में हस्तक्षेप करने वाले वकीलों ने भी अपनी दलीलें दीं। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 5 अगस्त को तय की है।
प्राचार्य पदोन्नति की लिस्ट पहले ही जारी हो चुकी थी
High Court Principal Promotion: दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को 1475 शिक्षकों की प्राचार्य पदोन्नति की लिस्ट जारी कर दी थी। लेकिन 1 मई को हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद यह मामला कोर्ट-कचहरी में उलझा रहा। अब जबकि डिवीजन बेंच ने सरकार की पॉलिसी को सही बता दिया है, उम्मीद की जा रही है कि सिंगल बेंच से भी फैसला जल्दी आएगा और शिक्षकों को उनकी नियुक्ति मिल जाएगी।



