
Bihar Assembly Elections Result: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के ऐतिहासिक प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पूरा कैबिनेट जश्न में डूब गया है। आज हो रही अहम कैबिनेट बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री साय ने मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों को मिठाई खिलाकर एनडीए के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। सीएम साय और मंत्रियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की, जो बिहार में एनडीए की बड़ी जीत के बाद स्वाभाविक थी।
रुझानों में NDA को 201 सीटों पर बड़ी बढ़त
दोपहर डेढ़ बजे तक बिहार विधानसभा चुनाव के सामने आए रुझानों के मुताबिक, एनडीए ने 201 सीटों पर बड़ी बढ़त बनाकर जबरदस्त बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नीत महागठबंधन केवल 36 सीटों पर ही संघर्ष कर रहा है। इन 36 सीटों में से राजद 27 सीटों पर, कांग्रेस 4 सीटों पर और अन्य दल 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौट रहा है।

एकात्म परिसर में आतिशबाजी और ढोल की थाप पर मनाया जश्न
बिहार में मिली बड़ी जीत का जश्न केवल कैबिनेट तक ही सीमित नहीं रहा। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकात्म परिसर में भी जोरदार जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, ढोल की थाप पर नाचते हुए खुशियाँ मनाईं और एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी। इस मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, शहर अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत कई महिला नेत्रियां और पदाधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के नेताओं को मिली थी प्रचार की बड़ी जिम्मेदारी
बिहार चुनाव में एनडीए की इस जीत में छत्तीसगढ़ के नेताओं ने भी अहम भूमिका निभाई थी। छत्तीसगढ़ से दो डिप्टी सीएम, सांसद, विधायकों समेत दर्जनों पदाधिकारियों को बिहार के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार और बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस सफल जिम्मेदारी को निभाने के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा खेमे में दोहरी खुशी का माहौल है।

राजीव भवन में सन्नाटा, कांग्रेस ने नतीजों पर उठाए सवाल
बिहार चुनाव में एनडीए के ऐतिहासिक प्रदर्शन के विपरीत, पीसीसी मुख्यालय राजीव भवन में सन्नाटा पसरा रहा। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुनील आनंद शुक्ला ने शहर से बाहर से एक वीडियो मैसेज जारी कर इन नतीजों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सत्तापक्ष से मिलकर चुनाव लड़ा और मॉडल कोड के बावजूद महिलाओं को पैसे ट्रांसफर कर मतदाताओं को प्रभावित किया गया। शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में एसआईआर से लाखों वोट काटे गए और इन नतीजों को “लोकतंत्र की हत्या” जैसा बताया।



