
बिलासपुर: Dhamtari Crime: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने धमतरी जिले के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर और दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी जितेंद्र ध्रुव की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा को बरकरार रखा है।
Dhamtari News: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि, इस मामले में उपलब्ध वैज्ञानिक सबूत, प्रत्यक्षदर्शी गवाही और बरामद हथियार आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट साबित करते हैं। इसलिए ट्रायल कोर्ट का फैसला पूरी तरह उचित है।

2017 का सनसनीखेज मामला
जुलाई 2017 में धमतरी जिले के तेलीनसत्ती गांव में यह घटना हुई थी। आरोपी जितेंद्र ध्रुव ने घर में घुसकर एक महिला के पति और छोटे बेटे की हत्या कर दी थी। इसके बाद महिला को गंभीर रूप से घायल कर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी भी निर्मम हत्या कर दी थी।
इस हमले में महिला का बड़ा बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसने बाद में गवाही देकर आरोपी की पहचान की। उसी की गवाही इस केस में सबसे बड़ा सबूत साबित हुई।
कोर्ट में निर्णायक रहे सबूत
सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए टेस्ट, एफएसएल जांच, घटनास्थल से बरामद हथियार और प्रत्यक्षदर्शी बेटे की गवाही ने आरोपी की संलिप्तता को पूरी तरह साबित कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इतने पुख्ता सबूतों और गवाहियों के बाद आरोपी को राहत देने का कोई आधार नहीं है।
हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी
हाईकोर्ट ने इस मामले को समाज को झकझोर देने वाला अपराध करार देते हुए कहा कि आरोपी ने न सिर्फ तीन निर्दोषों की हत्या की बल्कि महिला की अस्मिता पर भी हमला किया। ऐसे अपराधों में किसी तरह की नरमी बरतना न्याय के साथ अन्याय होगा।



