छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा: नए साल में मिला 1 करोड़ का बीमा कवर, राज्य सरकार और SBI के बीच हुआ ऐतिहासिक करार

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने लाखों अधिकारी-कर्मचारियों को नए साल का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच दिया है। राज्य शासन के वित्त विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे ‘स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज’ (SGSP) नाम दिया गया है। इस एमओयू (MoU) पर 22 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे, जिसे 4 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी कर दिया गया है। इस करार का सीधा लाभ राज्य के उन नियमित कर्मचारियों को मिलेगा जिनका वेतन एसबीआई के माध्यम से आता है। सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, कलेक्टर्स और जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर इस नई व्यवस्था की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

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बीमा का जबरदस्त सुरक्षा कवच: दुर्घटना में मृत्यु पर मिलेगा 1 करोड़ का क्लेम, हवाई हादसे के लिए अलग से बड़ी राशि

इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों को बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के भारी-भरकम बीमा कवर दिया जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी कर्मचारी की सामान्य व्यक्तिगत दुर्घटना (PAI) में मृत्यु होती है, तो उसके आश्रितों को 1 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम मिलेगा। वहीं, हवाई दुर्घटना (Air Accident Insurance) की स्थिति में यह राशि बढ़कर 1 करोड़ 60 लाख रुपये हो जाएगी। इसके अलावा, 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस भी पैकेज का हिस्सा है। यह सुरक्षा कवच कर्मचारियों के परिवार को अनहोनी की स्थिति में बड़ी आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा।

विकलांगता की स्थिति में भी सहारा: पूरी तरह अक्षम होने पर 100 लाख की मदद, आंशिक चोट पर भी मिलेगा पैसा

दुर्घटना के समय केवल मृत्यु ही नहीं, बल्कि अपंगता की स्थिति में भी बैंक कर्मचारी की मदद करेगा। समझौते के तहत, यदि कोई कर्मचारी स्थाई रूप से पूरी तरह विकलांग (Permanent Total Disability) हो जाता है, तो उसे 100 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। वहीं, आंशिक विकलांगता (Permanent Partial Disability) के मामलों में चोट की गंभीरता के आधार पर अधिकतम 80 लाख रुपये तक की राशि देय होगी। बैंक ने साफ किया है कि यह लाभ मौजूदा नियामक दिशा-निर्देशों के अनुसार तय किए जाएंगे, जिससे घायल कर्मचारी को इलाज और भविष्य की जरूरतों के लिए भटकना न पड़े।

मुफ्त मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं: देशभर के एटीएम से अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन, योनो और नेट बैंकिंग भी आसान

बीमा के अलावा, इस पैकेज में कई बैंकिंग सुविधाएं भी मुफ्त की गई हैं। कर्मचारी देशभर में एसबीआई के विशाल एटीएम नेटवर्क का उपयोग बिना किसी शुल्क के कर सकेंगे। इसके अलावा, अन्य बैंकों के एटीएम से भी निकासी की सुविधा निःशुल्क रहेगी, जो बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित सीमा के अधीन होगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ‘योनो’ ऐप के जरिए कहीं भी बैंकिंग करना अब राज्य के कर्मचारियों के लिए और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। रुपे कार्ड (Rupay Card) के इस्तेमाल पर भी अतिरिक्त मुफ्त बीमा राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

3 साल तक प्रभावी रहेगा समझौता: हर साल बैंक करेगा सुविधाओं की समीक्षा, वेतन खातों का बदलेगा स्वरूप

वित्त विभाग और एसबीआई के बीच हुआ यह एमओयू फिलहाल तीन साल की अवधि के लिए लागू किया गया है। हालांकि, बैंक हर साल इस पैकेज की सुविधाओं, इनमें कुछ जोड़ने या हटाने की समीक्षा करेगा। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से नया करार नहीं करते, तो यह व्यवस्था तीन साल तक निरंतर चलती रहेगी। सरकार ने संचालनालय कोष एवं लेखा के माध्यम से राज्य के सभी नियमित कर्मचारियों का डेटा बैंक को सौंप दिया है, जिससे खातों को ‘सैलरी पैकेज अकाउंट’ में बदलने की प्रक्रिया तेज हो सके।

कर्मचारियों के लिए जरूरी निर्देश: सैलरी खाते को पैकेज अकाउंट में बदलें, पात्रता की जांच करना है जरूरी

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को अपने सामान्य वेतन खाते को ‘स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज अकाउंट’ में परिवर्तित कराना होगा। इसके लिए कर्मचारियों को अपनी बैंक शाखा में जाकर एक आवेदन-सह-वचन पत्र (Undertaking) जमा करना होगा। खाताधारकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके खाते का ‘प्रोडक्ट कोड’ सही ढंग से बैंक सिस्टम में दर्ज है या नहीं, क्योंकि बीमा का लाभ सिस्टम जनरेटेड कोड पर ही निर्भर करता है। किसी भी तरह की त्रुटि होने पर तुरंत बैंक मैनेजर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

लोन लेने वालों के लिए सख्त नियम: बैंक बदलकर किस्त टालने वालों पर रहेगी नजर, वेतन रोकने का भी अधिकार

समझौते में बैंक के हितों का भी ध्यान रखा गया है। यदि छत्तीसगढ़ सरकार का कोई कर्मचारी एसबीआई से पर्सनल लोन लेने के बाद अपना वेतन खाता किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर देता है, तो राज्य सरकार हस्तक्षेप करेगी। एसबीआई की शिकायत पर सरकार उस कर्मचारी के वेतन खाते को वापस एसबीआई में भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी ताकि कर्ज की अदायगी में बाधा न आए। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बैंक बिना किसी झिझक के सरकारी कर्मचारियों को रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करा सके।

प्रशिक्षण संस्थानों के लिए नई व्यवस्था: अस्थाई नंबर से खुलेंगे खाते, स्थाई नियुक्ति पर होगा संशोधन

सरकारी ट्रेनिंग अकादमियों, केंद्रों और कार्यालयों में नियुक्त होने वाले नए रंगरूटों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे कर्मचारी जिनका परमानेंट सर्विस नंबर अभी नहीं आया है, उनके खाते अस्थाई क्रमांक के आधार पर ‘एसजीएसपी’ खाते के रूप में खोले जाएंगे। एक बार जब कर्मचारी को उसकी स्थाई सेवा संख्या (Service Number) मिल जाएगी, तो उसे संबंधित बैंक शाखा को सूचित करना होगा ताकि रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार किया जा सके और उसे मिलने वाली सुविधाओं को स्थाई किया जा सके।

हेल्थ इंश्योरेंस में टॉप-अप का लाभ: रियायती दरों पर मिलेगी अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा, परिवार के लिए बड़ा सुकून

दुर्घटना बीमा के अलावा, इस पैकेज के तहत स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) में टॉप-अप की सुविधा भी दी जा रही है। इसका मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी अपने मौजूदा स्वास्थ्य कवर को बढ़ाना चाहता है, तो उसे बैंक के माध्यम से बहुत ही कम और रियायती दरों पर टॉप-अप प्लान मिल जाएगा। इस एमओयू के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारी अब न केवल बेहतर बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे, बल्कि उनका और उनके परिवार का भविष्य भी वित्तीय रूप से अधिक सुरक्षित हो गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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