
Bilaspur Food Poisoning News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से खाद्य विषाक्तता यानी फूड पॉइजनिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर में अष्टमी की रात घूमने निकले एक ही परिवार के सात सदस्यों ने सड़क किनारे ठेले पर गुपचुप खाया था, जिसके कुछ घंटों बाद अचानक सभी की सेहत खराब हो गई। उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर परिजनों ने सभी को तुरंत सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। इस घटना के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है।
सीएमडी कॉलेज के पास ठेले पर खाया था परिवार ने गुपचुप
CMD College Road Bilaspur Incident: प्राप्त जानकारी के अनुसार सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परसदा गांव के रहने वाले महेश साहू अपनी पत्नी संतोषी साहू और बच्चों के साथ शहर घूमने आए थे। अष्टमी के पावन अवसर पर घूमते समय परिवार ने सीएमडी कॉलेज के पास स्थित एक चाट-गुपचुप के ठेले पर नाश्ता किया था। इसके बाद सभी लोग अपने घर लौट आए और सामान्य रूप से सो गए, लेकिन किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह स्ट्रीट फूड उनकी सेहत पर भारी पड़ने वाला है।

अगली सुबह उठते ही परिवार के सदस्यों को शुरू हुई उल्टी और बेचैनी
Parsada Village Family Health Update: घर लौटने के ठीक अगले दिन सुबह जैसे ही परिवार के सदस्य उठे, उन्हें पेट दर्द और लगातार उल्टी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते घर के एक के बाद एक कुल सात सदस्यों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत ज्यादा गंभीर होने पर परिजनों ने बिना देर किए सभी को स्थानीय सिम्स अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और सभी मरीजों को भर्ती कर उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
तीन बच्चों की हालत बताई जा रही है नाजुक, एनआईसीयू में इलाज जारी
Chhattisgarh Food Safety Alert: अस्पताल में भर्ती कराए गए कुल सात लोगों में तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार इनमें से छह साल के एक बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसे नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी एनआईसीयू में शिफ्ट किया गया है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल उस बच्चे की हालत स्थिर है और लगातार चिकित्सीय निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह का जोखिम न रहे।

दूषित खान-पान के कारण फूड पॉइजनिंग होने की जताई जा रही आशंका
Bilaspur News: चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों में साफ-सफाई का ध्यान न रखने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। इस मामले में भी दूषित पानी या सामग्री के इस्तेमाल से फूड पॉइजनिंग होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस तरह के स्ट्रीट फूड ठेलों पर गुणवत्ता की जांच को लेकर सतर्क हो गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।



