नवा रायपुर जंगल सफारी पर होली का ब्रेक: 3 से 5 मार्च तक पर्यटकों की एंट्री बंद, जानें प्रबंधन ने क्यों लिया यह फैसला

नवा रायपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी घूमने का मन बना रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। होली के त्योहार को देखते हुए सफारी प्रबंधन ने पर्यटकों के प्रवेश पर तीन दिनों की रोक लगा दी है। आगामी 3 मार्च से 5 मार्च 2026 तक सफारी परिसर आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। अगर आप इन छुट्टियों में परिवार या दोस्तों के साथ यहां आने की प्लानिंग कर रहे थे, तो आपको अपना कार्यक्रम बदलना होगा क्योंकि मुख्य द्वार पर ताला लटका मिलेगा।

सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया निर्णय

सफारी प्रबंधन के मुताबिक, होली के दौरान उमड़ने वाली अनियंत्रित भीड़ और संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। त्योहार के समय सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ जाती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए एहतियात बरतना जरूरी है। इसके अलावा, हर साल इस समय परिसर के भीतर वार्षिक रखरखाव और मरम्मत का काम भी किया जाता है। इन तीन दिनों में सफारी के अंदरूनी हिस्सों की सफाई और अन्य तकनीकी सुधार कार्य निपटाए जाएंगे।

मुख्य वन्यजीव वार्डन से मिली आधिकारिक मंजूरी

इस पाबंदी को लागू करने के लिए वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बाकायदा अनुमति ली गई है। संचालक सह वनमंडलाधिकारी के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पांडेय ने मुहर लगा दी है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 3 मार्च से लेकर 5 मार्च की शाम तक किसी भी बाहरी व्यक्ति या पर्यटक को सफारी के भीतर जाने की इजाजत नहीं होगी। 6 मार्च से सफारी अपने निर्धारित समय पर दोबारा खुलेगी।

वन्यजीवों और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्राथमिकता

प्रबंधन का कहना है कि होली के हुड़दंग के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा सफारी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गड़बड़ी फैलाने की आशंका रहती है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि बाड़ों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। वन्यप्राणियों को शोर-शराबे और बाहरी दखल से बचाने के लिए प्रशासन ने इस संवेदनशील अवधि में परिसर को बंद रखना ही बेहतर समझा है।

पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह

जंगल सफारी बंद होने की सूचना सोशल मीडिया और आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा की जा रही है ताकि दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को परेशानी न हो। अगर आपने ऑनलाइन टिकट बुक करने की कोशिश की है, तो इन तारीखों के लिए स्लॉट उपलब्ध नहीं होंगे। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे 6 मार्च के बाद ही अपनी यात्रा का प्लान बनाएं। होली के बाद सफारी को नए उत्साह के साथ फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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