
राजधानी रायपुर के गली-मोहल्लों में स्वच्छ पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी योजना तैयार की है। अब शहर के भीतर बिछी पाइपलाइनों और पानी की सप्लाई के पूरे नेटवर्क को मानचित्र यानी नक्शे पर प्रदर्शित किया जाएगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस इलाके में पानी की पाइपलाइन है और कहां नया नेटवर्क बिछाने की जरूरत है। महापौर मीनल चौबे और जल कार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू के मार्गदर्शन में शहर की प्यास बुझाने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटा जा सके।
जल बोर्ड का गठन और अधिकारियों की तैनाती
नगर निगम आयुक्त ने जल बोर्ड का गठन कर आठ अनुभवी इंजीनियरों को इसकी कमान सौंपी है। इस टीम में राजेश नायडू, राजेश राठौर, अंशुल शर्मा और नर सिंह फरेन्द्र जैसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके अलावा अनुराग पाटकर, रमेश पटेल, योगेन्द्र साहू और शुभम तिवारी को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। इन इंजीनियरों को अलग-अलग जोन और अमृत मिशन जैसे प्रोजेक्ट्स से जोड़कर पेयजल व्यवस्था की निगरानी करने का काम दिया गया है ताकि तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जा सके।
पाइपलाइन नेटवर्क की होगी डिजिटल मैपिंग
जल बोर्ड की सबसे अहम जिम्मेदारी शहर के राइजिंग मेन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों का बारीकी से निरीक्षण करना है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे नेटवर्क का डेटा इकट्ठा कर उसे मैप पर उतारें। इससे निगम के पास एक डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद रहेगा जिससे लीकेज या कम दबाव जैसी समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी। नक्शे में नेटवर्क दिखने से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किन वार्डों में सप्लाई लाइन पुरानी हो चुकी है या कहां पाइपलाइन का विस्तार करना अनिवार्य है।
वार्डों का दौरा और समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान
बोर्ड के सदस्यों को रायपुर के सभी जोनों और वार्डों का भ्रमण करने का जिम्मा सौंपा गया है। उन्हें उन इलाकों की पहचान करनी होगी जहां अक्सर पानी की किल्लत रहती है या गंदे पानी की शिकायत आती है। इन अधिकारियों को समस्याओं के कारणों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपनी होगी। जमीनी स्तर पर जाकर समस्या को समझने से प्रशासन को यह पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में पानी की टंकियों की क्षमता बढ़ानी है या कहां नए नलकूपों की आवश्यकता है।
जल बोर्ड का मुख्य उद्देश्य और भविष्य का लक्ष्य
इस पूरे बोर्ड के गठन का प्रशासनिक मकसद रायपुर को पूरी तरह जल संकट मुक्त बनाना है। पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसे समय पर पूरा करना इस टीम का प्राथमिक कार्य होगा। निगम का लक्ष्य है कि शहर के हर घर तक पर्याप्त और शुद्ध पेयजल पहुंचे और जनता को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े। जल बोर्ड की सक्रियता से आने वाले गर्मी के दिनों में रायपुरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



